Zee vs Invesco : ज़ी एंटरटेनमेंट और इनवेस्को विवाद अब एक नया मोड़ पर आ गया है, जहां अमेरिकी निवेश कंपनी इनवेस्को ने इंडियन मीडिया कंपनी ज़ी एंटरटेनमेंट में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises Limited) की सबसे बड़ी शेयरधारक इनवेस्को डेवलपिंग मार्केट्स है।
इनवेस्को, कल यानी गुरुवार को ब्लॉक डील के जरिए ZEE एंटरटेनमेंट मेजर में 2,200 करोड़ रुपये की 7.8 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। बता दें कि ज़ी एंटरटेनमेंट में इनवेस्को की 18.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है। आज Zee Entertainment Enterprises के शेयर 2.72% गिरकर 292 रुपये पर बंद हुए।
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क्या कहा निवेश कंपनी ने?
पिछले साल सितंबर में इंवेस्को ने ज़ी को नोटिस भेजकर कॉर्पोरेट गवर्नेंस की खामियों का हवाला देते हुए ज़ी के बोर्ड में बदलाव की मांग की थी। जिसको लेकर दोनों पक्षों में अदालतों में मुकदमेबाजी भी चली। दिसंबर में ज़ी ने अपने कॉम्पिटिटर सोनी एंटरटेनमेंट के साथ विलय की घोषणा के बाद इनवेस्को ने लेन-देन का समर्थन किया, जबकि एनसीएलटी में अदालती मामले चल रहे थे। बता दें कि इनवेस्को ने ज़ी और सोनी एंटरटेनमेंट के बीच विलय का सपोर्ट भी किया था।
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क्या था मामला
दरअसल, इस मामले की शुरुआत सितंबर 2021 में हुई जब जी एंटरटेनमेंट के सबसे बड़े शेयरधारक इनवेस्को ने असाधारण आम सभा बुलाने की मांग की। इनवेस्को का आरोप था कि जी एंटरटेनमेंट सुचारू ढंग से नहीं चल रही है। इसके साथ ही कंपनी ने जी के निदेशक मंडल से सीईओ पुनीत गोयनका समेत तीन निदेशकों को हटाने की भी मांग की थी। हालांकि, बाद में इनवेस्को ने जी एंटरटेनमेंट के बोर्ड में बदलाव की मांग छोड़ दी है। हाल ही में इनवेस्को ने एक बयान में कहा था कि हमने अपनी मांग नोटिस को वापस लेने का फैसला किया है।