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Xiaomi का दावा, धमकाकर और जबरदस्ती लिए गए हमारे अधिकारियों के बयान; ED ने दिया जवाब

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को उन आरोपों को “निराधार” बताते हुए खारिज कर दिया जिसमें चीनी मोबाइल निर्माण कंपनी Xiaomi की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Xiaomi India ने दावा किया था कि अधिकारियों ने उनके “जबरदस्ती के तहत” दर्ज किए थे। ईडी ने Xiaomi India द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उसके अधिकारियों के बयान “असत्य” और “निराधार” हैं। 

जांच एजेंसी ने एक ट्वीट में कहा, “ईडी Xiaomi इंडिया के उन आरोपों को खारिज करती है जिनमें कहा गया है कि इसके अधिकारियों के बयान जबरदस्ती और दबाव में लिए गए थे।” मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Xiaomi ने कहा था कि ईडी द्वारा पूछताछ के दौरान उसके शीर्ष अधिकारियों को उत्पीड़न और जबरदस्ती की धमकियों का सामना करना पड़ा।

ईडी ने इस साल फरवरी में फर्म द्वारा किए गए अवैध लेनदेन के संबंध में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत चीन स्थित Xiaomi समूह की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Xiaomi Technology India Pvt Ltd के 5551.27 करोड़ रुपये जब्त किए थे।

5551.27 करोड़ रुपये की जब्त राशि Xiaomi Technology India Pvt Ltd के बैंक खातों में पड़ी है, जिसने 2014 में भारत में अपना परिचालन शुरू किया और 2015 में पैसा भेजना शुरू कर दिया था। ईडी की कार्रवाई के बाद, चीनी दूरसंचार फर्म Xiaomi ने कहा कि वह किसी भी “गलतफहमी” को स्पष्ट करने के लिए सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

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इससे पहले जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को मोबाइल फोन विनिर्माता कंपनी शाओमी इंडिया के इन आरोपों को खारिज करने के साथ ही बेबुनियाद बताया कि कंपनी के अधिकारियों के बयान दबाव में दर्ज करवाए गए हैं।

ईडी ने यह बयान शाओमी की तरफ से कर्नाटक उच्च न्यायालय में लगाए गए उस आरोप के संदर्भ में जारी किया है जिसके मुताबिक बेंगलुरु में ईडी के जांचकर्ताओं से पूछताछ के दौरान कंपनी के शीर्ष अधिकारियों को मारपीट के अलावा दबाव बनाकर उन्हें धमकाया गया। शाओमी इंडिया चीन की मोबाइल विनिर्माता कंपनी शाओमी की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है।

प्रवर्तन निदेशालय ने शाओमी के इस आरोप के बारे में आई कुछ खबरों पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि वह “एक पेशेवर एजेंसी है जो कामकाजी नैतिकता का पूरा ध्यान रखती है और कंपनी के अधिकारियों को किसी भी वक्त धमकाया नहीं गया और न ही उन पर दबाव बनाया गया।”

इस बयान के मुताबिक, ‘‘यह आरोप पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं कि शाओमी इंडिया के अधिकारियों के बयान ईडी ने दबाव में दर्ज करवाए हैं। शाओमी इंडिया के अधिकारियों ने ईडी के समक्ष और फेमा कानून के तहत बयान अपनी मर्जी से दर्ज करवाए हैं।’’

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