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Tata Motors ने यूएस की इस कंपनी के प्लांट को टेक ओवर किया, अब यहां पर इन कारों को होगा प्रोडक्शन

टाटा मोटर्स (Tata Motors) के लिए फोर्ड मोटर कंपनी के प्लांट को अधिग्रहण करने का रास्ता साफ हो गया है। यूएस फोर्ड का ये प्लांट गुजरात के साणंद में स्थित है। यहां पर कंपनी पैसेंजर व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग करती है। विशेषज्ञों के अनुसार फोर्ड मोटर कंपनी ने पिछले साल के अंत में भारत छोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि कंपनी ने प्लांट की क्षमता का पूरी तरह से उपयोग नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक, साणंद में कंपनी के पैसेंजर व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट ने इस साल अप्रैल तक ऑपरेशन बंद कर दिया था।

लेबर इश्यू, फाइनेंशियल्स पर बातचीत होगी
टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से कहा कि कैबिनेट ने कंपनियों के प्रस्ताव पर अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किया है। सूत्रों ने बताया कि टाटा मोटर्स और फोर्ड के बीच सोमवार को सीएम भूपेंद्र पटेल के सामने एमओयू साइन किया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा कि गुजरात कैबिनेट की मंजूरी केवल एक हरी झंडी है। कंपनियां अभी भी लेबर इश्यू, फाइनेंशियल्स और अधिग्रहण से जुड़ी बारीकियों पर काम करने के लिए बातचीत कर रही हैं। एक बार दोनों कंपनियां सहमत हों जाएं, तो दोनों वाहन निर्माताओं के बीच एक निश्चित समझौता हो सकता है।

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30 मई को MOU होगा साइन
उन्होंने कहा कि MOU साइन होने के लिए 30 मई को एक औपचारिक मीटिंग की योजना बनाई जा रही है। इस समारोह में दोनों कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। राज्य सरकार रियायत समझौते की शेष अवधि के लिए टाटा मोटर्स को फोर्ड को दिए जाने वाले सभी लाभों को ट्रांसफर करने के लिए सहमत हो गई है। टाटा मोटर्स, फोर्ड के मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर में नया निवेश करने के बाद नए प्लांट में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण की योजना बना रही है।

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फोर्ड इलेक्ट्रिक कार की योजना भी छोड़ चुकी
फोर्ड इंडिया 20 अलग-अलग कंपनियों में शामिल है, जिन्‍हें फरवरी 2022 में घोषित भारत सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम के तहत चुना गया था। लेकिन कंपनी अब अपना आवेदन वापस ले सकती है, क्योंकि वह अब देश में निवेश नहीं करेगी। इस महीने की शुरुआत में फोर्ड ने ग्लोबल मार्केट के लिए भारत में EVs बनाने की अपनी योजना को भी छोड़ दिया है।

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