Stock Market Live Updates: लगातार तीन सत्रों में गिरावट के बाद आज शेयर बाजार ने मामूली बढ़त के साथ शुरुआत की है। सेंसेक्स बुधवार को 0.17 प्रतिशत या 95.95 अंक की बढ़त के साथ 47,243.27 अंक पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 0.15 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,008.50 अंक पर खुला।
सेंसेक्स में शुरुआती कारोबार में एचीसीएल के शेयर सबसे ज्यादा 1.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे। पॉवर ग्रिड, हिंदुस्तान यूनीलिवर, टीसीएस जैसी कंपनियां भी हरे निशान के ऊपर कारोबार कर रही थी। टॉप 30 शेयरों में सबसे अधिक गिरावट टाटा स्टील के शेयरों में देखने को मिली है। निफ्टी में एचसीएल, पॉवरग्रिड जैसी कंपनियां भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रही थी।
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कल का हाल
घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स करीब 844 अंक टूटकर बंद हुआ। विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों के नीतिगत दर में वृद्धि के साथ कमजोर वैश्विक रुख और यूक्रेन में युद्ध तेज होने से धारणा प्रभावित हुई। तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 843.79 अंक यानी 1.46 प्रतिशत लुढ़ककर 57,147.32 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 257.45 अंक यानी 1.49 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,983.55 अंक पर बंद हुआ।
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बाजार को लेकर क्या बोल रहे हैं एक्सपर्ट
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”वैश्विक स्तर पर जारी संकट के कारण उत्पन्न उठा-पटक को देखते हुए निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। साथ ही वे आर्थिक नरमी को लेकर भी चिंतित हैं। निवेशक मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी होने से पहले भी सतर्क हैं। इससे आईटी कंपनियों के बेहतर परिणाम आने शुरू होने का बाजार पर सकारात्मक असर दिखाई नहीं दिया।” उन्होंने कहा कि हालांकि दुनिया के अन्य प्रमुख बाजारों की तुलना में, घरेलू बाजार में बिक्री आक्रामक नहीं है। एफआईआई जो बिकवाली कर रहे हैं, उसकी भरपाई काफी हद तक घरेलू संस्थागत निवेशक कर रहे हैं।”
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ”भारतीय बाजार पर वैश्विक उतार-चढ़ाव का असर है। घरेलू निवेशक इससे बाहर निकलने की पूरी कोशिश कर रहे हैं लेकिन व्यापक स्तर पर उतार-चढ़ाव से कामयाब नहीं हो पा रहे।” उन्होंने कहा, ”वैश्विक कारणों से बाजार पर निकट भविष्य में दबाव बना रह सकता है। अगले कुछ दिनों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक और थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई जैसे वृहत आर्थिक आंकड़ों समेत अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक का ब्योरा जारी होना है। निवेशकों की इसपर नजर होगी।”
(एजेंसी के इनपुट के साथ)