प्राइवेट सेक्टर की एयरलाइन स्पाइसजेट का संकट कम नहीं हो रहा है। ताजा मामले में एयरलाइन की उड़ानों पर 50 प्रतिशत की अधिकतम सीमा को एक महीने से थोड़ा अधिक वक्त के लिए बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने आदेश भी जारी कर दिया है।
इससे एक दिन पहले स्पाइसजेट में वेतन संकट की वजह से 80 कर्मचारियों को जबरन छुट्टी पर भेजने की खबर आई थी। इस खबर के बीच बुधवार के कारोबार में स्पाइसजेट का शेयर 4 फीसदी से ज्यादा लुढ़क कर बंद हुआ। कारोबार के अंत तक बिकवाली का ऐसा माहौल रहा कि शेयर 4.01% लुढ़क कर 41.85 रुपये के भाव पर बंद हुआ।
कब से है उड़ान सेवाएं बंद: दरअसल, डीजीसीए ने 27 जुलाई को स्पाइसजेट को अधिकतम 50 प्रतिशत उड़ानें संचालित करने का आदेश दिया था। यह आदेश आठ सप्ताह के लिए था। एयरलाइन की उड़ानों में लगातार खामियों के चलते यह फैसला किया गया था। अब डीजीसीए ने कहा है- समीक्षा से पता चलता है कि सुरक्षा संबंधी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है।
हालांकि, अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए सक्षम प्राधिकारी ने फैसला किया है कि 27 जुलाई, 2022 के आदेश में लगाए गए प्रतिबंध 29 अक्टूबर 2022 तक लागू रहेंगे।” इस दौरान 50 प्रतिशत तक उड़ानें संचालित की जा सकती हैं। इसके अतिरिक्त उड़ानों के संचालन के लिए डीजीसीए की अनुमति लेनी होगी।
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संकट में है स्पाइसजेट: बता दें कि स्पाइसजेट काफी समय से नकदी संकट का सामना कर रही है। स्पाइसजेट ने जून तिमाही में 789 करोड़ रुपये और मार्च तिमाही में 458 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया था। कंपनी ने 21 सितंबर से 80 पायलटों को तीन महीने के लिए बिना वेतन छुट्टी पर भेज दिया है।