बुधवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) के गवर्नर ने कई ऐलान किए थे। जहां एक तरफ उन्होंने रेपो रेट को 50 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 4.90% कर दिया था। वहीं, दूसरी तरफ उन्होंने क्रेडिट कार्ड को यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) से जोड़ने की बात कही थी। इससे एक बड़े कदम की तौर पर देखा जा रहा है। आइए जानते इस फैसले का असर शेयर बाजार में SBI कार्ड के स्टाॅक पर कैसे पड़ेगा?
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इससे पहले तक क्या थे नियम?
अभी तक सेविंग अकाउंट या करेंट अकाउंट को ही UPI से जोड़ने की अनुमति थी। हालांकि, पहले इसे Rupay कार्ड के साथ शुरू किया जाएगा फिर अन्य कार्ड को लेकर अनुमति दी जाएगी। मतलब साफ है कि अगर आपके अकाउंट में पैसा नहीं है तो क्रेडिट कार्ड से पैसे जोड़कर पेमेंट कर पाएंगे। एक्सपर्ट की मानें तो इससे ट्रांजैक्शन खर्च में कमी और स्वीकार्यता बढ़ेगी।
आइए जानते हैं SBI Card के शेयर पर इसका कैसा असर पड़ेगा?
RBI की तरफ से जानकारी साझा करने के बाद ब्रोकरेज फर्म SBI कार्ड स्टाॅक को टाॅप प्राॅयरटी में रख रहा है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि इससे क्रेडिट कार्ड का भी प्रचलन काफी बढ़ जाएगा। इससे इसकी स्वीकार्यता बढ़ जाएगी।
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बता दें, अप्रैल 2022 तक के आंकड़ों के अनुसार देश भर में 6.1 मिलियन POS (Point Of Sales) मशीन थी। जबकि UPI QR कोड 181 मिलियन था। यानी POS की तुलना में बहुत अधिक है।
1260 रुपये तक जाएगा कंपनी के शेयर का भाव!
एक अन्य ब्रोकरेज फर्म Yes Securities ने SBI कार्ड को Buy रेटिंग दी है। फर्म ने इस स्टाॅक का टारगेट प्राइस 1260 रुपये दिया है। फर्म का कहना है कि कंपनी पिछली दो तिमाही के कार्ड सोर्सिंग रन रेट को बनाए रखने के बारे में आश्वस्त है।