सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और सुकन्या समृद्धि जैसी छोटी बचत योजनाओं से जुड़े हैं तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल, सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को एक बार फिर स्थिर रखा है। इसमें निवेशकों को ना तो राहत दी गई है और ना ही किसी तरह की कटौती हुई है। सरकार के फैसले के बाद आगामी अप्रैल-जून तिमाही के लिए भी वही ब्याज दरें रहेंगी, जो वर्तमान में हैं।
किस योजना पर ब्याज कितना: सरकार सुकन्या स्मृद्धि योजना पर 7.6 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज दे रही है। वहीं, पांच साल की वरिष्ठ नागिरक बचत योजना पर 7.4 प्रतिशत ब्याज देय है। बचत जमा पर ब्याज की दर चार प्रतिशत सालाना बनी हुई है। इसी तरह, एक साल की सावधि जमा योजना पर ब्याज दर 5.5 प्रतिशत पर बनी रहेगी।
अगर पीपीएफ की बात करें तो 7.1 प्रतिशत सालाना की ब्याज दर है। इसके अलावा राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) पर 6.8 प्रतिशत की ब्याज मिलती है। आपको बता दें कि सरकार की छोटी बचत योजनाओं में डाकघर की आरडी के अलावा पीपीएफ, किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि आदि शामिल हैं।
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हर तिमाही होता है मंथन: वित्त मंत्रालय हर तिमाही छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर को लेकर मंथन करता है। इस तिमाही का आखिरी दिन आज यानी 31 मार्च है। यही वजह है कि आगामी तिमाही यानी 1 अप्रैल से 30 जून तक के लिए ब्याज दरों पर फैसला लिया गया है।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर में 1.1 प्रतिशत की कटौती की गई थी लेकिन विरोध के बाद सरकार ने इसे गलती से हुआ बताकर, वापस ले लिया था। हालांकि, इस बार भी ब्याज दरों में कटौती की आशंका जाहिर की जा रही थी लेकिन एक बार फिर सरकार ने इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया है।