NPS vs OPS: देशभर के सरकारी कर्मचारी लगातार पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) की बहाली की मांग करते आ रहे हैं। जब उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनाव चल रह थे, तब कांग्रेस शासित अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार ने पुरानी पेंशन की बहाली की घोषणा कर दी थी। उसके कुछ ही दिन बाद भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ की सरकार ने भी पुरानी पेंशन बहाल करने का ऐलान किया था। जिसके बाद से ही केन्द्र सरकार पर लगातार यह दबाव बनाया जा रहा है कि सेंट्रल गवर्नमेंट पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करे। एक सांसद के सवाल के जवाब में सरकार ने मौजूदा स्थितियों को स्पष्ट किया है।
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छत्तीसगढ़ के बस्तर कांग्रेस सांसद दीपक बैज ने वित्त मंत्रालय से पुरानी पेंशन की बहाली को लेकर सवाल किया था। जिसका लिखित जवाब वित्त राज्य मंत्री डाॅ भागवत कराड ने दिया है। सांसद ने सवाल किया था कि क्या केन्द्र सरकार भी एनपीएस (New Pension Scheme) को हटाने पर विचार कर रही है? सवाल के जवाब में सरकार की तरफ से डाॅ भागवत कराड ने कहा कि सरकार ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है। बता दें, बजट सत्र का दूसरा सत्र सोमवार से शुरू हो गया है।
NPS को लेकर क्या है सरकारी कर्मचारियों की शिकायत?
पहले समझते हैं कि OPS (Old Pension scheme) क्या है। पुरानी पेंशन स्कीम नियमित पेंशन की गारंटी देता है। जबकि एनपीएस के बाजार आधारित व्यवस्था है। कर्मचारियों के मन में यही डर की सबसे बड़ी वजह है। बता दें, NPS की व्यवस्था केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2004 को लागू किया था।