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LIC IPO पर टूटे निवेशक! सभी कैटेगरी से लोगों ने जमकर लगाए पैसे, लास्ट डे तीन गुना ज्यादा सब्सक्रिप्शन

LIC IPO: भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के आईपीओ को निवेशकों द्वारा बंपर रिस्पॉन्स मिला है। इस इश्यू को बोली लगाने की अंतिम तारीख यानी सोमवार 9  मई को 2.95 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इस तरह सरकार करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाने में सफल रही। एलआईसी के आईपीओ के तहत 16,20,78,067 शेयरों की पेशकश की गई थी। शेयर बाजारों पर शाम सात बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इन शेयरों के लिए निवेशकों की तरफ से 47,83,25,760 बोलियां लगाई गईं।

देश के सबसे बड़े आईपीओ को मिला बंपर रिस्पॉन्स 
क्वॉलीफाइड इंस्टीट्यूशनल बिडर्स (QIB) कैटेगरी के शेयरों को 2.83 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इस कोटा के लिए रिजर्व 3.95 करोड़ शेयरों के लिए 11.20 करोड़ बोलियां लगाई गईं। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स(NII) कैटेगरी के तहत 2,96,48,427 शेयरों की पेशकश की गई थी जिनके लिए 8,61,93,060 बोलियां लगाई गईं। इस तरह एनआईआई कोटा को 2.91 गुना सब्क्रिप्शन मिला है। इसी तरह रिटेल निवेशकों ने 6.9 करोड़ शेयरों की पेशकश पर 13.77 करोड़ शेयरों की बोलियां लगाईं। इस कैटेगरी में एलआईसी के इश्यू को 1.99 गुना सब्सक्राइब किया गया है।

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पॉलिसीधारक-कर्मचारियों ने उठाया फायदा
एलआईसी के पॉलिसीधारकों के लिए रिवर्ज कोटे में छह गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला है जबकि एलआईसी के कर्मचारियों के कैटेगरी में 4.4 गुना बोलियां मिली हैं। बता दें कि एलआईसी का आईपीओ 4 मई निवेश के लिए ओपन हुआ था। इस इश्यू का प्राइस बैंड 902-949 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया था। इसमें पात्र पॉलिसीधारकों एवं कर्मचारियों के लिए कुछ शेयर आरक्षित रखे जाने के अलावा उन्हें छूट भी दी गई थी।

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सरकार बेच रही 3.5 फीसदी हिस्सेदारी 
सरकार ने इस निर्गम के जरिये एलआईसी में अपनी 3.5 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री करने का फैसला किया है। इस हिस्सेदारी की बिक्री से सरकार को करीब 20,557 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद थी। इस राशि के साथ एलआईसी का निर्गम देश का अबतक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हुआ है। इसके पहले वर्ष 2021 में आया पेटीएम का आईपीओ 18,300 करोड़ रुपये का था। उससे पहले वर्ष 2010 में कोल इंडिया का आईपीओ करीब 15,500 करोड़ रुपये का था।

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कंपनी का इतिहास 
एलआईसी का गठन एक सितंबर, 1956 को 245 निजी जीवन बीमा कंपनियों का राष्ट्रीयकरण कर किया गया था। उस समय इसमें पांच करोड़ रुपये की पूंजी डाली गई थी। समय बीतने के साथ एलआईसी देश की सबसे बड़ी कंपनी बन चुकी है। दिसंबर, 2021 में बीमा प्रीमियम कारोबार के 61.6 फीसदी हिस्से पर इसका नियंत्रण था।

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