केंद्र सरकार, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) के मेगा इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) को मई मध्य तक लाने की योजना बना रही है। रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद मार्केट में अस्थिरता है, उम्मीद की जा रही है कि उस समय तक मार्केट वोलैटिलिटी घट जाएगी। यह बात ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कही गई है। इस साल अब तक बीएसई सेंसेक्स में 2500 प्वाइंट से ज्यादा की गिरावट आई है।
IPO के लिए मई तक वैलिड है इम्बेडिड वैल्यू
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में एक व्यक्ति ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया है कि आईपीओ के लिए लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC) की पब्लिश्ड इम्बेडिड वैल्यू नियमों के मुताबिक मई तक के लिए वैध है। उन्होंने बताया कि इस डेडलाइन के आगे देरी का मतलब है कि एलआईसी को लेटेस्ट फाइनेंशियल्स के आधार पर इम्बेडिड वैल्यू को कैलकुलेट करना होगा।
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15 के करीब का मार्केट वोलैटिलिटी इंडेक्स होगा कंफर्टेबल
रिपोर्ट में एक व्यक्ति ने बताया है कि आईपीओ लॉन्च के खातिर 15 के करीब का मार्केट वोलैटिलिटी इंडेक्स सरकार के लिए कंफर्टेबल लेवल होगा। सोमवार को मुंबई में इंडिया NSE वोलैटिलिटी इंडेक्स करीब 26 पर था। वहीं, पिछले साल यह औसतन 17.9 के लेवल पर रहा। इस फाइनेंशियल ईयर में 24 फरवरी को इंडेक्स ने 31.98 के हाइएस्ट लेवल को छुआ था। LIC में 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर सरकार करीब 8.5 बिलियन डॉलर जुटाना चाहती है।
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