Jamsetji Tata Birth Anniversary: नमक से सॉफ्टवेयर बनाने वाले टाटा समूह को आज जो मुकाम मिली है, उसके पीछे लंबा संघर्ष है। इस संघर्ष की शुरुआत जमशेदजी टाटा ने की थी। आज यानी 3 मार्च को जमशेदजी टाटा की बर्थ एनिवर्सरी है। इस मौके पर हम आपको जमशेद जी टाटा के पहले अधिग्रहण के बारे में बताएंगे।
कारोबारी दुनिया में एंट्री: दरअसल, जमशेदजी टाटा ने 1868 में 21,000 रुपये की पूंजी के साथ ट्रेडिंग कंपनी शुरू की। हालांकि, उन्हें कपड़ा उद्योग में ज्यादा दिलचस्पी थी। जमशेदजी टाटा को लगता था कि कपड़ा उद्योग में ब्रिटिश प्रभुत्व में सेंध लगाने की जबरदस्त गुंजाइश है। इसी सोच के साथ उन्होंने 1869 में कपड़ा उद्योग में कदम रखा। उन्होंने बॉम्बे के औद्योगिक केंद्र चिंचपोकली में एक दिवालिया तेल मिल का अधिग्रहण किया।
ये पहली बार था जब जमशेदजी टाटा ने किसी तरह का अधिग्रहण किया हो। इसके बाद उन्होंने इस संपत्ति का नाम बदलकर एलेक्जेंड्रा मिल रखा और इसे एक कपास मिल में बदल दिया। दो साल बाद ही जमशेदजी ने एक स्थानीय कपास व्यापारी को मिल बेच दी।
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इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड का दौरा किया और तमाम संभावनाओं को टटोलते हुए 1874 में जमशेदजी ने एक नया वेंचर शुरू किया था। करीब 3 साल बाद नागपुर में जमशेदजी टाटा की एम्प्रेस मिल्स अस्तित्व में आई थी। आधिकारिक तौर पर जमशेदजी का ये पहला शानदार कारोबारी दांव था।
आपको बता दें कि पहली बार जमशेदजी ने अपने कर्मचारियों को कम काम के घंटे, अच्छी तरह हवादार कार्यस्थल के अलावा भविष्य निधि और ग्रेच्युटी की पेशकश की थी।