प्राइवेट सेक्टर के बड़े बैंक एचडीएफसी (HDFC) ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 10 बेसिस प्वाइंट का इजाफा कर दिया है। एमसीएलआर रेट्स के बढ़ने से नए और पुराने होम लोन, व्हीकल लोन एवं कई अन्य लोन की EMI महंगी हो जाएगी। एचडाएफसी बैंक ने यह लेंडिंग रेट्स अपने सभी टेन्योर के लिए बढ़ा दिया है। बढ़ी हुई नई दरें आज 7 सितंबर से लागू हैं।
एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के नए लेंडिंग रेट्स
एचडीएफसी बैंक ने अपने 1 साल के MCLR रेट्स को बढ़ाकर 8.2 पर्सेंट कर दिया है। जबकि ओवरनाइट एमसीएलआर रेट्स को बैंक ने बढ़ाकर 7.9 पर्सेंट कर दिया है। 1 साल के एमसीएलआर रेट्स में इजाफा रिटेल लोन की वजह से महत्वपूर्ण हो जाता है। बता दें कि बैंक का लांग टर्म लोन्स जैसे होम लोन इसी रेट्स से लिंक्ड होता है। वहीं एचडीएफसी बैंक में 1 महीने, 3 महीने और 6 महीने के टेन्योर के लिए एमसीएलआर रेट में क्रमशः 7.90 पर्सेंट, 7.95 पर्सेंट और 8.05 पर्सेंट का इजाफा किया है।
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MCLR रेट्स बढ़ने से क्यों महंगा होता है कर्ज
कोई भी बैंक अपनी ब्याज दरों को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट के बेसिस पर तय करता है। MCLR को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 2016 में शुरू किया गया था। MCLR के बढ़ने और घटने पर ही ग्राहकों की EMI तय होती है। सभी बैंक अपने-अपने हिसाब से MCLR रेट तय करती है। रिजर्व बैंक के रेपो रेट में बदलाव के बाद ही बैंक अपने एमसीएलआर की दरों में बदलाव करते हैं। अगर बैंक का MCLR ज्यादा है तो ग्राहकों को ज्यादा ब्याज दर देना होगा और एमसीएलआर कम होने पर कम ब्याज दर के आधार पर EMI देना होगा।
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