GST कलेक्शन अच्छा रहने के बावजूद राज्यों के रेवेन्यु ग्रोथ में गिरावट आ सकती है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। यह रिपोर्ट ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्शन (जीएसडीपी) में 90 प्रतिशत योगदान देने वाले 17 राज्यों के आकलन के बाद तैयार की गई।
इसमें बताया गया कि 2020-21 में महामारी के प्रकोप के दौरान रेवेन्यु ग्रोथ कम थी और उसकी तुलना में 2021-22 में यह 25 प्रतिशत के बेहतर स्तर पर रही। क्रिसिल ने रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में टैक्स कलेक्शन अच्छा रहने से राजस्व वृद्धि को बल मिलेगा।
राज्यों को मिलने वाले रेवेन्यु में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी जीएसटी कलेक्शन और केंद्र से हस्तांतरण को मिलाकर होती है और इसके दहाई अंक में बढ़ने का अनुमान है। एजेंसी के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी ने कहा कि रेवेन्यु ग्रोथ को सबसे ज्यादा बल समूचे राज्य जीएसटी संग्रह से मिलेगा जो 2021-22 में 29 प्रतिशत बढ़ गया।
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उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि वृद्धि की गति कायम रहेगी और संग्रह चालू वित्त वर्ष में और 20 प्रतिशत बढ़ेगा। अनुपालन का स्तर बेहतर होने, उच्च मुद्रास्फीति का माहौल और सतत आर्थिक वृद्धि इसमें मददगार होगी।’’ पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री से मिलने वाले टैक्स कलेक्शन की सपाट या निम्न एवं एकल अंक की वृद्धि (8 से 9 फीसदी) और 15वें वित्त आयोग (13-15 फीसदी) की अनुदान अनुशंसा वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कारक होंगे।