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नुकसान झेल रही बजट एयरलाइन गो फर्स्ट (Go First) पर मालिकाना हक रखने वाला वाडिया ग्रुप बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। वाडिया ग्रुप ने एयरलाइन में बड़ी हिस्सेदारी बेचने या इससे पूरी तरह से बाहर निकलने के लिए स्ट्रैटेजिक पार्टनर्स के साथ बातचीत शुरू कर दी है। इस मामले की जानकारी रखने वाले टॉप ऑफिसर्स ने यह बताया है।
FY 2022 में अब तक का सबसे ज्यादा फाइनेंशियल लॉस
इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, गो फर्स्ट एयरलाइन को फाइनेंशियल ईयर 2022 में अब तक का सबसे ज्यादा फाइनेंशियल लॉस हुआ है। एयरलाइन कंपनी को पिछले कुछ महीनों से ऑपरेशनल इश्यूज का सामना करना पड़ रहा है। सप्लाई चेन से जुड़ी दिक्कतों के कारण गो फर्स्ट (Go First) के आधे एयरक्राफ्ट ग्राउंडेड हैं। पिछले कुछ महीनों में एयरलाइन को बिजनेस का काफी नुकसान हुआ है।
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15 महीने में वाडिया ग्रुप ने लगाए करीब 3000 करोड़ रुपये
सूत्रों ने बताया है, ‘गो फर्स्ट ने शुरुआत में बढ़ती एयर ट्रेवल डिमांड के बीच अपने ऑपरेशंस के लिए सरकार की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) के तहत 600 करोड़ रुपये का लोन लिया। इसके अलावा, पिछले 15 महीने में वाडिया ग्रुप ने एयरलाइन में करीब 3000 करोड़ रुपये लगाए हैं।’ प्रमोटर्स और संभावित स्ट्रैटेजिक पार्टनर्स के बीच बातचीत की जानकारी रखने वाले एक ऑफिसर ने बताया, ‘हम अपने ग्राउंडेड एयरक्राफ्ट के साथ लगातार पैसे खर्च कर रहे हैं। एयरलाइन चालू रखने के लिए पिछले 15 महीने में हमने 3000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।’
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एयरलाइन बिजनेस से बाहर होना होगा आखिरी विकल्प
टॉप ऑफिसर ने बताया, ‘सभी ऑप्शंस पर विचार किया गया है और कई स्थितियों की योजना तैयार की गई है। आखिरी विकल्प एयरलाइन बिजनेस से बाहर होना होगा।’ बातचीत की जानकारी रखने वाले एक दूसरे ऑफिसर ने बताया है, ‘इंजन सप्लाई इश्यूज के कारण गो फर्स्ट के करीब 60 पर्सेंट प्लेन ग्राउंड पर हैं, जिसकी वजह से एयरलाइन को तगड़ा नुकसान हुआ है।’ एयरलाइन प्राइमरी मार्केट से भी फंड जुटा नहीं पाई है, कंपनी ने आईपीओ को टाल दिया था। गो फर्स्ट ने मई 2021 में ड्राफ्ट रेड हेयरिंग प्रॉस्पेक्ट्स (DRHP) फाइल किया था। कंपनी की आईपीओ के जरिए 3600 करोड़ रुपये जुटाने की योजना थी।
डिस्क्लेमर: यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।