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इकोनॉमी के मोर्चे पर भारत के लिए बुरी खबर है। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत के लिए अपने आर्थिक विकास अनुमान को कम कर दिया है। FY24 के लिए IMF का नया अनुमान 5.9% है। इससे पहले अनुमान 6.10% था। इस लिहाज से IMF ने 20 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। वहीं, FY25 के लिए विकास दर का अनुमान 6.8% के बजाए अब 6.3% कर दिया गया है।
आपको बता दें कि वर्ल्ड बैंक ने FY24 के लिए आर्थिक विकास अनुमान 6.30% पर रखा है तो वहीं एशियन डेवलपमेंट बैंक यानी एडीबी का अनुमान 6.40% का है। कहने का मतलब है कि IMF का अनुमान इन दोनों से कम है।
IMF ने भारत की खुदरा मुद्रास्फीति को वित्त वर्ष 2024 में वित्त वर्ष 23 के 6.7 प्रतिशत से घटाकर 4.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। वहीं, चालू खाता घाटा जीडीपी के अनुमानित 2.6 प्रतिशत से घटकर 2.2 प्रतिशत पर आने की संभावना है।
बैंकिंग संकट का असर: IMF के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवियर गौरिनचास ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महामारी और यूक्रेन-रूस जंग का जो असर था, वो धीरे-धीरे कम होता दिख रहा है। हालांकि, अब बैंकिंग अस्थिरता से स्थिति नाजुक बनी हुई है। इसका असर ग्रोथ पर पड़ने की आशंका है। आपको बता दें कि अमेरिका समेत दुनिया के अलग-अलग देशों में कई बड़े बैंकों पर ताला लग गया है। वहीं, कुछ बैंक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।