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Future-Amazon Dispute: सुप्रीम कोर्ट ने सुन ली अमेजन की गुहार, याचिका पर जताई सहमति, अगली सुनवाई 23 मार्च को

सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को अमेजन इंक को सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (एसआईएसी) में रिलायंस समूह के साथ प्रस्तावित 24,713 करोड़ संपत्ति बिक्री सौदे पर फ्यूचर के साथ चल रहे विवाद से संबंधित कार्यवाही फिर से शुरू करने की अनुमति दी है। अब सुप्रीम कोर्ट 23 मार्च को अंतरिम सुरक्षा की मांग करने वाली अमेजन की याचिका पर सुनवाई करेगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने फ्यूचर रिटेल, फ्यूचर कूपन्स को सुरक्षा की मांग करने वाली अमेजन की याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया है। फ्यूचर ने भी अमेजन के साथ मध्यस्थता कार्यवाही को फिर से शुरू करने के लिए सहमति जताई है।

दिल्ली उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने जनवरी में अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के समक्ष अमेजन और फ्यूचर समूह के बीच मध्यस्थता की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एनवी रमना की अगुवाई वाली बेंच ने दोनों पक्षों से कहा कि अगर उनके पास कोई मुद्दा नहीं है, तो अदालत मध्यस्थता की कार्यवाही फिर से शुरू करने का आदेश पारित कर सकती है। Amazon और Future दोनों ने स्वेच्छा से इसके लिए सहमति व्यक्त की। जनवरी के पहले सप्ताह में मध्यस्थता की कार्यवाही होनी थी। हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद करीब दो महीने से यह ठप है। बुधवार को शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा था।

अमेजन ने सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार, रिलायंस द्वारा फ्यूचर रिटेल स्टोर्स का अधिग्रहण रोकें सरकार!

फ्यूचर का तर्क है कि अमेजन आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल से सुरक्षात्मक आदेश मांग सकता है पर सुप्रीम कोर्ट से नहीं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कोर्ट रिलायंस द्वारा लिए जा रहे फ्यूचर रिटेल के स्टोर के खिलाफ अमेजन की याचिका पर बुधवार को विचार करेगा। बता दें अमेजन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था फ्यूचर रिटेल की संपत्ति पर अमेजन, बियानी समूह और रिलायंस के बीच समझौता करने के लिए बातचीत बेनतीजा रही।

‘अमेजन हमें घुटनों के बल ले जा रहा है, हम टूट गए हैं’

अमेजन इंक के वकील गोपाल सुब्रमण्यम ने कहा था कि कभी-कभी हम बहुत आशान्वित होते हैं, लेकिन अंतिम परिणाम कुछ भी नहीं होता है।  उच्च स्तर पर बैठकें हुईं पर कोई समाधान नहीं हुआ।” अमेजन ने फ्यूचर पर मामला लंबित होने के बावजूद रिलायंस को अपनी संपत्ति ट्रांसफर का आरोप लगाया। जबकि, फ्यूचर ने कहा कि मुकदमे ने इसे दिवालियेपन की ओर धकेल दिया है। इसके वकील हरीश साल्वे ने कहा अमेजन हमें घुटनों के बल ले जा रहा है, हम टूट गए हैं।


फ्यूचर रिटेल ने कहा 15 दिन पहले शॉप टेकओवर शुरू हुआ था। मुकदमे के बावजूद रिलायंस कार्रवाई कर रही है। हम कुछ नहीं कर सकते।  हम क्या करें? हमने कहीं भी हस्ताक्षर नहीं किए हैं। जमीन मालिक हमारी लीज समाप्त कर रहे हैं। बता दें रिलायंस का अधिग्रहण 25 फरवरी की रात से शुरू हुआ था। फ्यूचर ग्रुप के 1,700 से अधिक आउटलेट हैं, उसमें लोकप्रिय बिग बाजार स्टोर भी शामिल हैं। फ्यूचर अपने कुछ आउटलेट्स के लिए लीज भुगतान करने में असमर्थ रहा है। नतीजतन, रिलायंस ने कुछ स्टोर्स के पट्टों को अपने नाम पर स्थानांतरित कर दिया और स्टोर्स को संचालित करने के लिए उन्हें फ्यूचर को सबलेट कर दिया।

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