वॉलमार्ट की भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart के आईपीओ को लेकर एक नई अपडेट आई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक Flipkart ने आंतरिक रूप से अपने आईपीओ मूल्यांकन लक्ष्य को लगभग एक तिहाई बढ़ाकर 60-70 बिलियन डॉलर कर दिया है। इसके साथ ही Flipkart ने इस साल के बजाय, 2023 में अमेरिकी शेयर बाजार में लिस्टिंग की योजना बनाई है।
रॉयटर्स की खबर के मुताबिक भारत के ई-कॉमर्स मार्केट में अमेजन को टक्कर दे रही Flipkart ने पहले 50 बिलियन डॉलर का आईपीओ मूल्यांकन लक्ष्य निर्धारित किया था। सूत्रों के मुताबिक कंपनी अपने दो अपेक्षाकृत नए व्यवसायों- ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं और यात्रा बुकिंग पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है। इस वजह से आईपीओ में देरी भी हो रही है। रूस-यूक्रेन संकट से चल रहे वैश्विक बाजार में उथल-पुथल ने भी फ्लिपकार्ट को अपनी समयरेखा पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है।
आपको बता दें कि Flipkart ने 2021 में भारतीय यात्रा बुकिंग वेबसाइट क्लियरट्रिप का अधिग्रहण किया, और इस सप्ताह दवाओं के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य उत्पादों और सेवाओं की पेशकश करने के लिए एक “हेल्थ+” ऐप लॉन्च किया है। फ्लिपकार्ट हेल्थ+ प्लेटफॉर्म 500 स्वतंत्र सेलर्स को रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट के नेटवर्क के साथ जोड़ेगा।
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इससे डॉक्टर की पर्ची का अनुमोदन किया जा सकेगा और सही दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। फिलहाल, कंपनी का मकसद देशभर में 20,000 से अधिक पिनकोड तक सेवाएं पहुंचाना है।