वित्त वर्ष 2021-2022 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर मिलने वाली ब्याज दर में किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
दरअसल, रामेश्वर तेली से सवाल पूछा गया था कि क्या सरकार कर्मचारी भविष्य निधि जमा राशि पर ब्याज की दर को बढ़ाने पर पुनर्विचार करेगी। इस पर जवाब देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्याज दर पर पुनर्विचार करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
छोटी बचत योजनाओं से ज्यादा: रामेश्वर तेली ने यह भी कहा कि ईपीएफ की ब्याज दर अन्य तुलनीय योजनाओं जैसे सामान्य भविष्य निधि (7.10 प्रतिशत), वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (7.40 प्रतिशत) और सुकन्या समृद्धि खाता योजना (7.60 प्रतिशत) से अधिक है। आपको बता दें कि ईपीएफ पर ब्याज दर 8.10 प्रतिशत देने को मंजूरी मिली है।
उन्होंने कहा कि यह ब्याज दर ईपीएफ द्वारा अपने निवेश से प्राप्त आय पर निर्भरे है और ऐसी आय को केवल ईपीएफ योजना, 1952 के अनुसार ही वितरित किया जाता है। उन्होंने कहा कि सीबीटी और ईपीएफ ने 2021-22 की खातिर 8.10 प्रतिशत ब्याज दर की सिफारिश की थी जिसे सरकार द्वारा मंजूर कर लिया गया है।
ये पढ़ें-जून तिमाही में कितना बदला बिग बुल का पोर्टफोलियो, कहां बेची हिस्सेदारी, यहां देखें