HomeShare MarketCanara Bank ने किया MCLR रेट्स में इजाफा, अब लोन होगा महंगा

Canara Bank ने किया MCLR रेट्स में इजाफा, अब लोन होगा महंगा

केनरा बैंक (Canara Bank) ने अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) को बढ़ा दिया है। बैंक ने अलग-अलग समयावधि के लिए MCLR रेट्स में इजाफा किया है। केनरा बैंक ने अपने 1 महीने और ओवरनाइट MCLR रेट्स में 10 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया है, जबकि 3 महीने के MCLR रेट्स मे 15 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया है। अब केनरा बैंक का 3 महीने का MCLR रेट्स 7.25 पर्सेंट हो जाएगा। वहीं बैंक का 6 महीने के लिए MCLR रेट्स 5 बेसिस के इजाफे के साथ 7.65 पर्सेंट हो जाएगा। इसी क्रम में केनरा बैंक ने 1 साल के लिए MCLR रेट्स को 7.65 पर्सेंट से बढ़ाकर कर 7.75 पर्सेंट कर दिया है।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को दिए गए नोटिफिकेशन के अनुसार यह सभी बढ़े हुए MCLR रेट्स सिर्फ नए लोन या वैसे लोन जो पहले सेंक्संड किए जा चुके हैं लेकिन उसका पहली बार डिस्ट्रीब्यूशन हो रहा है, पर ही लागू होंगे। वर्तमान में केनरा बैंक (Canara Bank) का रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) 8.30 पर्सेंट है। पिछले महीनों में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के ने रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किया था। इस इजाफे के बाद कई बड़े बैंकों जैसे एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने भी अपने लेंडिंग रेट्स को बढ़ा दिया है।

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क्या होता है MCLR रेट्स
MCLR रेट्स वाली व्यवस्था 2016 में शुरू की गई थी। तब से कोई भी बैंक अपनी ब्याज दरों को मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) के बेसिस पर तय करता है। MCLR के बढ़ने और घटने पर ही ग्राहकों की EMI तय होती है। रिजर्व बैंक के रेपो रेट (RBI Repo Rate) में बदलाव के बाद ही बैंक अपने MCLR की दरों में बदलाव करते हैं। अगर बैंक का MCLR ज्यादा है तो ग्राहकों को ज्यादा ब्याज दर देना होगा और MCLR कम होने पर कम ब्याज दर के आधार पर EMI देना होगा।

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