AC-एलईडी लाइट्स से जुड़े प्रोडक्शन में अडानी समूह की कंपनी अडानी कॉपर ट्यूब्स ने दिलचस्पी दिखाई है। केंद्र सरकार ने बताया है कि अडानी कॉपर ट्यूब्स के अलावा एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स और विप्रो सहित 15 फर्मों को व्हाइट गुड्स क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत चुना गया है।
इसमें छह कंपनियों ने एसी घटकों के विनिर्माण के लिए 908 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। दूसरी ओर नौ कंपनियां 460 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एलईडी लाइट घटकों का विनिर्माण करेंगी। इन 15 कंपनियों ने पांच वर्षों में कुल 25,583 करोड़ रुपये के उत्पादन का लक्ष्य तय किया है और इससे 4,000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इन कंपनियों ने कुल मिलाकर 1,368 करोड़ रुपये का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है और इनका चयन अभी अस्थाई रूप से है।
पिछले साल नवंबर में डाइकिन, पैनासोनिकक, सिस्का और हैवेल्स सहित 42 फर्मों को इस योजना के लिए चुना गया था। इन कंपनियों ने 4,614 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई थी।
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इस साल मार्च में अधिक प्लेयर्स को शामिल करने के लिए एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट्स के लिए अपनी 6,238 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना को फिर से खोला था। दूसरे दौर में 19 कंपनियों ने आवेदन किया था। आपको बता दें कि व्हाइट गुड्स के तहत एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट्स से संबंधित उत्पादन शामिल हैं।