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चालू वित्त वर्ष में कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि आने वाले दिनों में अपने डिसइन्वेस्टमेंट टारेगट को पूरा कर लिया जाए। रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार मझगांव डॉक शिपबिल्डर, एनएलसी इंडिया और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन में अपना हिस्सा बेचने का विचार कर रही है। इस खबर की भनक लगते ही शुक्रवार को इन कंपनियों के शेयरों में करीब 1 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।
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31 मार्च से पहले हिस्सेदारी बेचने पर विचार
मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार सरकार की तरफ Mazagon Dockyard, एनएलसी इंडिया और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन में 10 प्रतिशत हिस्सा बेचने पर विचार किया जा रहा है। सरकार ये हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल के तहत बेच सकती है। रिपोर्ट के अनुसार यह बिक्री 31 मार्च 2024 से पहले की जा सकती है। यानी चालू वित्त वर्ष में ही सरकार अपनी हिस्सेदारी इन कंपनियों में घट सकती है।
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कितना फंड जुटाने की कोशिश में सरकार?
चालू वित्त वर्ष के लिए सरकार ने 51000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य डिसइन्वेस्टमेंट के जरिए रखा है। अब तक इस वित्त वर्ष में 10,051.73 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। अगर इन तीन कंपनियों में शेयरों की बिक्री होती है तो सरकार को 21,200 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
हाल ही में सीएनबीसी-टीवी 18 को दिए इंटरव्यू में डिफेंस सचिव ने कहा कि ‘कोचिन शिपयार्ड और मझगांव डॉकयार्ड’ में हिस्सेदारी की बिक्री बहुत हद तक कैपटिल की जरूरत पर निर्भर करेगा। बता दें, मझगांव डॉक शिपबिल्डर और एनएलसी इंडिया के शेयरों की कीमतों में पिछले एक साल के दौरान 177 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। वहीं, आईआरएफसी के शेयरों का भाव इस दौरान 0.4 प्रतिशत ही बढ़ा है।
किस कंपनी का क्या है भाव – (5 जनवरी 2024)
1- Mazagon Dockyard – 2262 रुपये
2- NLC India – 225.25 रुपये
3- IRFC – 100.75 रुपये