अब ज्वेलर यह गहने हमारे यहां के नहीं हैं कहकर मुकर न सकेंगे। उन्हें जेवरात बेचने की पूरी जानकारी हॉलमार्क यूनिक आईडेंटिफिकेशन (एचयूआईडी) पोर्टल पर देनी होगी। नई व्यवस्था के तहत गहने बनाने वाले से लेकर ज्वेलर और खरीदने वाले का नाम, वजन और दाम सबकुछ पोर्टल पर दर्ज कराना होगा। केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय ने हॉलमार्क हाई लेवल कमेटी के सदस्यों से 30 मई तक सुझाव मांगे हैं। एक जून से हॉलमार्क का दूसरा चरण सख्ती के साथ अनिवार्य रूप से लागू करने की तैयारी है। पिछले साल हॉलमार्क अनिवार्यता व्यवस्था में देश के 256 जिले शामिल किए गए थे। एक जून से 32 और जिले लिस्ट में शामिल हो जाएंगे। जिससे यह संख्या 288 पहुंच जाएगी।
क्या होगा फायदा
भारतीय मानक ब्यूरो के डीजी कार्यालय की ओर से हॉलमार्क कमेटी के 24 सदस्यों को पत्र लिखकर कहा गया है कि बनने से लेकर बिकने वाले हर आभूषण की जानकारी पोर्टल पर दी जाए। इस संबंध में उनसे सुझाव भी मांगे गए हैं।
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ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन ने वेबिनार के जरिए सुझाव एकत्र किए हैं। अहम बात है कि पोर्टल के जरिए यह पता लग जाएगा कि गहना बनाने वाले ने किस ज्वेलर को बेचा। खुदरा विक्रेता ने किस ग्राहक को बेचा। खरीदार के नाम के साथ वजन और दाम भी पोर्टल पर होगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी निकलने पर ज्वेलर के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।
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टांके वाले गहनों की जांच भी करा सकेंगे ग्राहक
हालमार्क के दूसरे चरण के तहत बीआईएस ने कुंदन, पोल्की और जड़ाऊ पर भी हॉलमार्किंग लागू करने की तैयारी है। इस संबंध में भी कमेटी के सदस्यों से सुझाव मांगे गए हैं। नई व्यवस्था के तहत टांके वाली ज्वेलरी की भी जांच हालमार्क सेंटर पर कराई जा सकती है।
देश के प्रमुख जिले शामिल
उत्तर प्रदेश में कानपुर, आगरा, बरेली, प्रयागराज, बदायूं, देवरिया, गाजियाबाद, गोरखपुर, जौनपुर, झांसी, मथुरा, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर, सहारनपुर, वाराणसी, शाहजहांपुर हैं। इसके अलावा दिल्ली, मुंबई, नागपुर, अकोला, रत्नागिरी के अलावा आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, असोम, कर्नाटक के कई जिलों संग भोपाल, ग्वालियर, रीवा, इंदौर, जबलपुर आदि शामिल हैं।
पोर्टल पर गहनों के निर्माता से लेकर ग्राहक तक की जानकारी देना जरूरी हो रहा है। 30 मई तक सुझाव मांगे गए हैं। ज्वैलरी बाजार की विश्वसनीयता को ध्यान में रखते हुए पोर्टल पर पारदर्शी व्यवस्था लागू करने के सुझाव तैयार किए जा रहे हैं। – पंकज अरोड़ा, अध्यक्ष ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन