ऐप पर पढ़ें
Crorepati stock: बॉलीवुड मेगास्टार अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) एक छोटी कंपनी के शेयर में दांव लगाकर करोड़ों रुपये कमा लिए। दरअसल, साल 2017 में स्मॉलकैप कंपनी (Company) डीपी वायर्स (DP Wires) का आईपीओ आया था। बिग बी ने इस आईपीओ (IPO) में दांव लगाया और अपने निवेश को पांच सालों तक बनाए रखा। बिग बी का यह धैर्य अब रंग ला रहा है क्योंकि शेयरों में लगातार तेजी है। इससे निवेशकों के पैसे पांच गुना ज्यादा बढ़ गए। बता दें कि यह आईपीओ एनएसई एसएमई एक्सचेंज में लिस्ट हुआ था।
2.45% है अमिताभ बच्चन की होल्डिंग
सितंबर के अंत तक 5 अक्टूबर 2017 को NSE इमर्ज प्लेटफॉर्म पर स्टॉक लिस्टिंग के बाद से अमिताभ बच्चन की होल्डिंग 2.45% या 13,41,18,400 शेयरों पर बनी हुई है। SME स्टॉक बाद में 17 जनवरी 2022 को मेनबोर्ड में चला गया। आईपीओ के दौरान शेयर 75 रुपये पर बेचा गया था। डीपी वायर्स में बिग बी के निवेश का वर्तमान वैल्यू लगभग 13.4 करोड़ रुपये है।
मत बेचें यह शेयर! ₹1150 पर जाने वाला है भाव, 40 में से 39 एक्पसर्ट ने कहा- जल्दी खरीद लो
अब क्या है शेयर की कीमत?
सोमवार के कारोबार में स्टॉक एनएसई पर 408 रुपये प्रति शेयर के आसपास कारोबार कर रहा था। लिस्टिंग के बाद से इसने 444% का आश्चर्यजनक रिटर्न दिया है। कैलेंडर वर्ष में अब तक यह लगभग 58% से अधिक बढ़ गया है।
कंपनी को हुआ 51.2% का मुनाफा
Q2FY23 में DP Wires का मुनाफा 51.2% बढ़ा है और यह 9.03 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने एक साल पहले की अवधि में 5.97 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था। जुलाई-सितंबर की अवधि में कंपनी की बिक्री 114.77% बढ़कर 283.96 करोड़ रुपये हो गई, जो कि एक साल पहले की अवधि में 132.22 करोड़ रुपये थी, जबकि EBITDA 42.7% बढ़कर 13.10 करोड़ रुपये हो गई। 5 दिसंबर 2022 तक डीपी वायर्स का मार्केट कैप 550 करोड़ रुपए था।
-₹1.65 का शेयर ₹1930 का हुआ, निवेशकों के 1 लाख बने ₹11.70 करोड़, एक्सपर्ट बोले- ₹2230 पर जाएगा भाव!
वर्तमान में बिग बी के पास केवल एक शेयर
ट्रेंडलाइन के आंकड़ों के अनुसार, अमिताभ बच्चन के पास केवल एक स्टॉक है। कंपनियों को केवल उन्हीं शेयरधारकों के नाम का जिक्र किया जाता है, जिनके पास कंपनी में 1% से अधिक हिस्सेदारी है। पहले बिग बी के शेयर पोर्टफोलियो में फाइनोटेक्स, बिड़ला पैसिफिक मेडस्पा और न्यूलैंड लैब्स के शेयर भी शामिल थे। कंपनी में प्रमोटर्स की 70.4% हिस्सेदारी है। कंपनी के पास कोई संस्थागत और म्यूचुअल फंड होल्डिंग नहीं है।