देश की जानी मानी कंपनियां- हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, रविराज फॉयल और जिंदल इंडिया ने चीन से आयात होने वाले एल्युमीनियम फॉयल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। अब वाणिज्य मंत्रालय ने चीन से एल्युमीनियम फॉयल के आयात पर पांच साल तक डंपिंग रोधी शुल्क जारी रखने की सिफारिश की है। मंत्रालय ने ये कदम घरेलू कंपनियों को सस्ते आयात की मार से बचाने के लिए उठाया है। बता दें कि एल्युमीनियम फॉयल का इस्तेमाल खाद्य सामग्री समेत फार्मा क्षेत्र में किया जाता है।
5 साल के लिए सिफारिश: मंत्रालय की जांच शाखा व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने एक अधिसूचना में कहा कि चीन से एल्युमीनियम फॉयल की डंपिंग लगातार जारी है और यह शुल्क समाप्त किए जाने की स्थिति में सस्ता आयातित उत्पाद भारतीय बाजार में आ सकता है। डीजीटीआर ने कहा, ‘‘इस स्थिति को देखते महानिदेशालय ने एल्युमीनियम फॉयल पर शुल्क जारी रखने की सिफारिश की हैं ताकि घरेलू उद्योग को किसी भी क्षति से बचाया जा सके।’’
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बता दें कि डीजीटीआर ने एल्युमीनियम फॉयल पर 469 से 1,106 डॉलर प्रति टन का डंपिंग रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश की है। शुल्क लगाने का अंतिम निर्णय वित्त मंत्रालय लेता है। वित्त मंत्रालय ने इससे पहले मई, 2017 में एल्युमीनियम फॉयल पर डंपिंग रोधी शुल्क लगाया था।
हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, रविराज फॉयल, जिंदल इंडिया ने चीन से आयातित ‘एल्युमीनियम फॉयल 5.5 माइक्रोन से 80 माइक्रोन’ की जांच शुरू करने के लिए आवेदन किया था।