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सुप्रीम कोर्ट का बैंकों को आदेश, आम्रपाली प्रोजेक्ट के लिए कल तक जमा कर दें 1,500 करोड़ रुपये 

Amrapali projects: आम्रपाली ग्रुप को लेकर एक बड़ी खबर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बैक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) की अगुवाई वाले सात बैंकों के कंसोर्टियम को आम्रपाली समूह की रुकी हुई प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए 1,500 करोड़ रुपये देने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बैंक एनबीसीसी को कल 29 मार्च तक फंडिंग कर दे ताकि एनबीसीसी को फंड की कमी न हो और प्रोजेक्ट पर जल्दी से जल्दी काम कंप्लीट हो जाए। 

इन 7 बैंकों का है कंसोर्शियम
न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कहा कि छह बैंकों- बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और यूको बैंक ने फंड के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। जबकि इंडियन बैंक सोमवार शाम तक फंड जमा करने की बात कही है। बता दें कि एनबीसीसी ने फंड की कमी की बात कही थी जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट को कंसोर्टियम ऑफ बैंक ने 1500 करोड़ की फंडिंग की बात पर सहमति जताई थी। 

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क्या कहा गया 
पिछले हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम्रपाली होमबॉयर्स द्वारा गैर-भुगतान के कारण गैर-निष्पादित संपत्ति (NPA) के रूप में फंड की घोषणा को माफ करके इन बैंकों को अदालत द्वारा दी गई छूट पर आपत्ति जताई थी। वेंकटरमणी ने अदालत को एक नोट प्रस्तुत करते हुए बताया कि आरबीआई इस प्रस्ताव पर सहमत हो गया है कि किसी भी चूक या एस्पायर के पुनर्भुगतान दायित्व में देरी की स्थिति में बैंक आवश्यक आदेश के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र होंगे। भविष्य में विवेकपूर्ण मानदंडों से किसी भी तरह की सहनशीलता पर न्यायालय द्वारा आरबीआई से इनपुट लेने पर विचार किया जाएगा।

आरबीआई की ओर से क्या कहा गया
आरबीआई की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता केवी विश्वनाथन ने प्रस्ताव का समर्थन किया क्योंकि उन्होंने पहले आरबीआई को बैंकों से जुड़ी व्यवस्था से बाहर रखने पर आपत्ति जताई थी। बैंकिंग रेगुलेटर ने एनपीए क्लासिफाइड से फंड को छूट देने वाली आसान शर्तों पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह एक “खराब मिसाल” के रूप में काम करेगा। इस महीने की शुरुआत में दायर आरबीआई के आवेदन में अदालत द्वारा पिछले साल 13 अगस्त के अपने आदेश में तय की गई शर्तों में संशोधन की मांग की गई थी।

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फंड की वजह से काम नहीं रूकना चाहिए
बेंच ने कहा, ‘हमारी एकमात्र चिंता यह है कि फंड का कोई ब्लॉक नहीं होना चाहिए। यह आम्रपाली परियोजनाओं के लिए जीवन रेखा है जो कभी नहीं रुकनी चाहिए।” 

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