केन्द्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार ने बुधवार को रेलवे लैंड लीज के नियमों में बदलाव किया है। मोदी कैबिनेट (Modi Cabinet) ने रेलवे लाइसेंस फीस (Railway) को कुछ परिस्थितियों में 6 प्रतिशत से घटाकर 1.5 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, इसके अलावा केंद्र सरकार ने लीज पीरियड को 5 साल से बढ़ाकर 35 साल तक के लिए कर दिया है। बता दें, नीति आयोग (Niti Ayog) की तरफ से कंटेनर के लिए रेलवे लैंड फीस को घटाकर 3 प्रतिशत के नीचे लाने का सुझाव दिया गया था। कैबिनेट की मुहर के बाद कॉनकॉर (Concor Share Price) के शेयरों मे काफी तेजी देखने को मिली है।
कॉनकॉर के शेयरों में दिखी 12 प्रतिशत की तेजी
बाजार को जैसे मोदी कैबिनेट के इस फैसले की आहट मिली, उसके बाद से ही कॉनकॉर के शेयर उड़ान भरने लगे। इस खबर के बाद कॉनकॉर के शेयर दोपहर में 747.65 रुपये के लेवल पहुंच गए। बता दें, मंगलवार को कंपनी के शेयर 669.20 रुपये के लेवल पर बंद हुए थे। पिछले 6 महीने के दौरान कंपनी के शेयरों में 27.02 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। वहीं, इस साल अबतक कंपनी के शेयर के भाव 16.70 प्रतिशत की उछाल देखने को मिली है।
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कैबिनेट के इस फैसले के बाद सरकार को हिस्सेदारी बेचना हुआ आसान
केंद्र सरकार के इस नए फैसले को कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (कॉनकॉर) के डिसइंवेस्टमेंट से भी जोड़कर देखा जा रहा है। कॉनकॉर रेल मंत्रालय के अंतर्गत आता है। कंपनी कंटेनर के ट्रांसपोर्टेशन और हैंडलिंग काम करती है। कंपनी के पास 61 कंटेनर डिपो हैं। जिसमें 26 रेलवे लैंड लीज पर है।
नबंबर 2019 में कैबिनेट ने 54.80 प्रतिशत हिस्सेदारी में से मैनजेमेंट के साथ 30.80 प्रतिशत हिस्सेदारी के बेचने पर मुहर लगी थी। केंद्र सरकार इस बिक्री के बाद 24 प्रतिशत हिस्सेदारी को अपने पास बरकरार रखेगी। बता दें, सराकर ने इस वित्त वर्ष के लिए 65,000 करोड़ रुपये डिसइंवेस्टमेंट से जुटाने का लक्ष्य रखा है। जिसमें 8000 करोड़ रुपये कॉनकॉर के जरिए इकट्ठा किया जाना है।