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फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के लिए सामान्य भविष्य निधि (GPF) की ब्याज दर पर सरकार का फैसला आ गया है। सरकार ने अप्रैल-जून की अवधि के लिए GPF और इसी तरह के फंड के लिए ब्याज दर को अपरिवर्तित रखा है। इन फंड्स की ब्याज दर 7.1 प्रतिशत पर स्थिर है। आपको बता दें कि GPF एक तरह की भविष्य निधि है जो भारत में केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है।
GPF के बारे में: सभी सरकारी कर्मचारियों को अपने वेतन का एक निश्चित प्रतिशत GPF में योगदान करने की अनुमति है। रोजगार अवधि के दौरान जमा कुल राशि का भुगतान कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किया जाता है। वित्त मंत्रालय GPF पर ब्याज दर हर तिमाही में संशोधित करता है। इससे पहले, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2022-2 के लिए EPF की ब्याज दर 8.15 फीसदी तय की है।
वहीं, सरकार ने 2023 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए कुछ छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में भी बदलाव किया है। इनमें बेटी सुकन्या और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) जैसी योजनाएं शामिल हैं। हालांकि, पीपीएफ पर ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसी के बाद यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि सरकार जीपीएफ की ब्याज दर को भी स्थिर रख सकती है।
4 प्रतिशत बढ़ा भत्ता: बता दें कि हाल ही में सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद अब महंगाई भत्ता 42 प्रतिशत हो गया है। वहीं, वित्त सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में पेंशन योजनाओं के लिए समिति बनाई गई है। यह समिति सरकारी कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में सुधार करने के अलावा पुरानी पेंशन योजना से जुड़े हर पहलू पर मंथन करेगी।