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शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स ने 900 अंकों का लगाया गोता, निफ्टी 16500 के नीचे

Share Market Live Update: सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। इससे पहले भी बुधवार को रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट बढ़ाने के ऐलान के बाद भारी गिरावट के साथ बंद हुआ था।  आज  बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 773 अंकों के नुकसान के साथ 54928 के स्तर पर खुला तो वहीं, निफ्टी ने भी कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ की। 

अमेरिकी शेयर बाजार भी धराशायी

भारतीय बाजारों की तरह अमेरिकी शेयर बाजारों को भी वहां के फेड रिजर्व का ब्याज दरें बढ़ाने का फैसला रास नहीं आया। गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार का  प्रमुख संवेदी सूचकांक डाऊजोंस  3.12 फीसद यानी 1063 अंक टूट गया। नैस्डैक ने भी 4.99 फीसद का गोता लगाया और एसएंडपी 153 अंक यानी 3.56 फीसद लुढ़कक कर बंद हुआ।

अमेरिकी शेयर बाजार में हाहाकार, औंधेमुंह गिरे अमेजन, टेस्ला, फेसबुक के शेयर, घरेलू मार्केट में पड़ सकता है असर

Amazon के शेयर 7.56%,  फेसबुक के शेयर 6.77% तो वहीं टेस्ला के शेयर 8.33% टूटकर बंद हुए। इसका असर आज घरेलू शेयर बाजार पर भी दिख रहा है। प्री-ओपनिंग में रिलायंस इंडस्ट्रीज को छोड़ सभी स्टॉक लाल निशान पर थे। सेंसेक्स 773 अंक नीचे था, जबकि निफ्टी 16415 के स्तर पर आ गया था।

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शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 900 अंकों की भारी गिरावट के साथ 54,801.53 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 239.25 अंकों का गोता लगाकर 16,443.40 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स पर केवल दो स्टॉक हरे निशान पर थे।

क्यों गिर रहा बाजार

बढ़ती मुद्रास्फीति, बढ़ती ब्याज दरों, चीन की आर्थिक मंदी और यूक्रेन में युद्ध सहित कई संकटों से इस साल वैश्विक बाजार प्रभावित हुए हैं। वहीं, कमजोर वैश्विक संकेतों को देखते हुए भारतीय शेयर बाजार और रुपया तेजी से गिरे। भारतीय रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लुढ़क गया। 76.26 रुपये के पिछले बंद की तुलना में भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 76.64 तक गिर गई। 

हेम सिक्योरिटीज के रोहित निगम ने कहा, “एफओएमसी की बैठक के बाद बुधवार को अमेरिकी बाजारों में राहत की रैली देखी गई, लेकिन बढ़ती ब्याज दरों पर अधिक चिंता के कारण गुरुवार को यह गिर गया। यूके की मंदी की आशंका से पाउंड भी गिर गया।” विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल डेटा और बेरोजगारी दर की घोषणा आज की जाएगी, जो वैश्विक बाजारों की दिशा तय कर सकती है।

बढ़ती ब्याज दरों और बढ़ती मुद्रास्फीति की चिंताओं के कारण वॉल स्ट्रीट के बाद एशियाई शेयरों में आज गिरावट आई। वहीं, सऊदी अरब और रूस के नेतृत्व में प्रमुख तेल उत्पादकों द्वारा अपनी नियोजित सीमांत वृद्धि से अधिक उत्पादन उठाने से इनकार करने के बाद कच्चे तेल में वृद्धि हुई क्योंकि उन्होंने यूक्रेन युद्ध के कारण तंग आपूर्ति चिंताओं को तौला।

अडानी पावर का शुद्ध लाभ 4,645 करोड़ रुपये पर पहुंचा

अडानी पावर का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2021-22 की जनवरी-मार्च तिमाही में उछलकर 4,645.47 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जो एक साल पहले इसी तिमाही में 13.13 करोड़ रुपये था। कंपनी ने कहा कि 31 मार्च, 2022 को समाप्त तिमाही में उसकी कुल आय बढ़कर 13,307.92 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 6,902.01 करोड़ रुपये थी। अडानी पावर का एकीकृत शुद्ध लाभ 2021-22 में बढ़कर 4,911.58 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 1,269.98 करोड़ रुपये था।

डाबर इंडिया का शुद्ध लाभ चौथी तिमाही में 22 प्रतिशत घटा

रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले उत्पाद बनाने वाली डाबर इंडिया लिमिटेड का मार्च, 2022 को समाप्त चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 21.98 प्रतिशत घटकर 294.34 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने इससे एक साल पहले 2020-21 की इसी तिमाही में 377.29 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। डाबर कारोबार के मामले में अब 10,000 करोड़ रुपये की कंपनी बन गयी है। कंपनी की आय 2021-22 में 10,888.68 करोड़ रुपये पहुंच गयी। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान इसकी परिचालन आय 7.74 प्रतिशत बढ़कर 2,517.81 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जबकि एक साल पहले समान तिमाही में यह 2,336.79 करोड़ रुपये थी। कंपनी का कुल खर्च वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में 2,141.04 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में 1,969.54 करोड़ रुपये से 8.7 प्रतिशत अधिक है।

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