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लेबर कोड पर राज्यों के ड्राफ्ट तैयार, लागू होते ही सैलरी, PF और ऑफिस टाइम पर पड़ेगा असर!

देश में 4 लेबर कोड (श्रम संहिता) के लागू करने की योजना अब हकीकत में बदलने वाली है। दरअसल, केंद्र सरकार ने बताया है कि 90 फीसदी राज्यों ने लेबर कोड के नियमों का मसौदा तैयार कर लिया है और इन्हें जल्द लागू किया जाएगा। इसके लागू होने के बाद सैलरी, ऑफिस टाइमिंग से लेकर PF-रिटायरमेंट तक के नियमों में बदलाव होने की संभावना है। 

असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों का भी ख्याल: यह नया कानून श्रम क्षेत्र में काम करने के बदलते तरीकों और न्यूनतम वेतन की आवश्यकता को समायोजित करने के लिए है। इनमें असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों समेत स्वरोजगार में लगे लोगों और प्रवासी मजदूरों का भी ख्याल रखा गया है।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने लेबर कोड की चारों संहिताओं के लिए नियमों का मसौदा पहले से ही जारी कर दिया है और अब राज्यों को अपनी तरफ से नियमों को तैयार करना है। बहरहाल, आइए जान लेते हैं कि केंद्र सरकार के मसौदे में क्या है।

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कामकाज की टाइमिंग : केंद्र सरकार के मसौदे में कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव पेश किया है। इसे हर सप्ताह 4-3 अनुपात में बांटा गया है। मतलब ये कि 4 दिन ऑफिस, 3 दिन वीक ऑफ। इस लिहाज से देखें तो कर्मचारियों को 4 दिन में 48 घंटे यानी हर दिन 12 घंटे काम करना होगा। कर्मचारियों को हर पांच घंटे के बाद आधा घंटे का विश्राम देने के निर्देश का भी प्रस्ताव है। 

-किसी से एक हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम कराया जाता है तो वह ओवर टाइम होगा, जिसका भुगतान कंपनी करेगी।  

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-मूल वेतन कुल वेतन का 50% या अधिक होना चाहिए। इससे ज्यादातर कर्मचारियों की वेतन संरचना बदलेगी। मूल वेतन बढ़ने से आपका पीएफ भी बढ़ेगा।

-पीएफ में योगदान बढ़ने से रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन राशि में इजाफा होगा। मतलब भविष्य को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा इंसेंटिव, मेडिकल इंश्योरेंस समेत अन्य सुविधाओं के लिए प्रावधान किए गए हैं।

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