रूस-यूक्रेन विवाद से जुड़े घटनाक्रम इस सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा तय करेंगे। पिछले सप्ताह रूस द्वारा यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किए जाने के बाद दुनियाभर के बाजारों में जोरदार गिरावट आई थी। विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह रूस-यूक्रेन विवाद से जुड़े घटनाक्रमों के अलावा महत्वपूर्ण वृहद आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।
इस सप्ताहआएंगे जीडीपी के आंकड़े
इस सप्ताह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुमान और विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़े आने हैं। सप्ताह के दौरान वाहन कंपनियों के शेयरों पर भी सभी की निगाह रहेगी। वाहन कंपनियों के फरवरी के बिक्री आंकड़े एक मार्च को आएंगे। कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी शोध (खुदरा) प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा, तिमाही नतीजों का सीजन पीछे छूट चुका है, ऐसे में आगामी सप्ताह बाजार वैश्विक बाजारों के रुख से दिशा लेगा।
गत शुक्रवार को बृहस्पतिवार की भारी गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने करीब 2.5 प्रतिशत का लाभ दर्ज किया। बृहस्पतिवार बाजार के लिए पिछले दो साल का सबसे खराब दिन रहा था। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में 1,974 अंक या 3.41 प्रतिशत नीचे आया है। वहीं निफ्टी में 618 अंक या 3.57 प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि कारोबारियों को भारी उतार-चढ़ाव से सतर्क रहना होगा। वहीं निवेशक हालिया गिरावट का लाभ उठाकर अपने पोर्टफोलियो में बड़ी कंपनियों के शेयर जोड़ सकते हैं।
शीर्ष 10 कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 3.33 लाख करोड़ रुपये घटा
सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में बीते सप्ताह 3,33,307.62 करोड़ रुपये की जोरदार गिरावट दर्ज हुई। वहीं शेयर बाजारों में भारी नुकसान के बीच फरवरी में बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण सात माह के निचले स्तर पर आ गया है। फरवरी, 2022 में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण घटकर 2,49,97,053.39 करोड़ रुपये रह गया। इससे पहले जुलाई, 2021 में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 2,35,49,748.9 करोड़ रुपये के निचले स्तर पर आया था। जनवरी में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 2,64,41,207.18 करोड़ रुपये था। शीर्ष 10 कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर कायम रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, एसबीआई, बजाज फाइनेंस और भारती एयरटेल का स्थान रहा।
विदेशी निवेशकों ने फरवरी में बाजारों से 35,506 करोड़ निकाले
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने फरवरी में भारतीय बाजारों से 35,506 करोड़ रुपये की निकासी की है। यह लगातार पांचवां महीना है जबकि एफपीआई भारतीय बाजार में बिकवाल रहे हैं। एफपीआई अक्टूबर, 2021 से लगातार भारतीय बाजारों से निकासी कर रहे हैं। फरवरी, 2022 में एफपीआई की निकासी मार्च, 2020 के बाद सबसे ऊंची रही है। उस समय एफपीआई ने भारतीय बाजारों से 1,18,203 करोड़ रुपये निकाले थे।
मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक (प्रबंधक शोध) हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा प्रोत्साहन उपायों को वापस लेने और देर-सवेर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घोषणा के बाद से एफपीआई की निकासी तेज हुई है।”
उन्होंने कहा कि इसके अलावा रूस-यूक्रेन तनाव की वजह से भी एफपीआई सतर्कता का रुख अपना रहे हैं और भारत जैसे उभरते बाजारों से दूरी बना रहे हैं। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने एक से 25 फरवरी के दौरान शेयरों से 31,158 करोड़ रुपये और ऋण या बांड बाजार से 4,467 करोड़ रुपये निकाले हैं। इस दौरान उन्होंने हाइब्रिड उत्पादों में 120 करोड़ रुपये डाले हैं।