Petrol Diesel Price Today: पेट्रोलियम कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी कर दी हैं। आशंकाओं के विपरीत चुनाव खत्म होने के दूसरे दिन भी राहत रही। घरेलू स्तर पर आज लगातार 124 दिन बाद भी पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ। जबकि, कच्चा तेल 127.98 डॉलर प्रति बैरल है, जो पिछले 140 डॉलर प्रति बैरल के मुकाबले थोड़ा सस्ता है।
मोदी सरकार के सामने तेल से लेकर खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों की चुनौती
बुधवार को देश की राजधानी दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 95.41 रुपये (Delhi Petrol Price) बनी हुई है, जबकि डीजल की कीमत 86.67 रुपये (Delhi Diesel Price) है। वहीं मुंबई में पेट्रोल 109.98 रुपये प्रति लीटर की दर से बिक रहा है, जबकि डीजल 94.14 रुपये पर है। नए रेट के मुताबिक आज भी देश में सबसे सस्ता पेट्रोल 82.96 रुपये लीटर के हिसाब से पोर्ट ब्लेयर में बिक रहा है तो डीजल भी यहां 77.13 रुपये प्रति लीटर है। पेट्रोल भापेाल, जयपुर, पटना, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु में 100 के पार है।
यूक्रेन-रूस में जारी भीषण युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर हैं और उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के कारण बीते चार महीने से ईंधन के दाम नहीं बढ़े हैं। गौरतलब है कि भारत अपनी कच्चे तेल की 85 प्रतिशत जरूरत आयात के जरिए पूरा करता है। तेल की कीमतों में इस साल पहले से ही 60 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हो चुकी है और कमजोर रुपया देश के लिए और परेशानी बढ़ रहा है।
20 रुपये तक बढ़ सकते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, सोना और चमका
शहर का नाम
पेट्रोल रुपये/लीटर
डीजल रुपये/लीटर
पोर्ट ब्लेयर
82.96
77.13
चंडीगढ़
94.23
80.9
आगरा
95.05
86.56
लखनऊ
95.28
86.8
दिल्ली
95.41
86.67
नोएडा
95.51
87.01
रांची
98.52
91.56
बेंगलुरु
100.58
85.01
चेन्नई
101.4
91.43
कोलकाता
104.67
89.79
पटना
105.9
91.09
जयपुर
107.06
90.7
भोपाल
107.23
90.87
मुंबई
109.98
94.14
श्रीगंगानगर
112.11
95.26
इस सप्ताह बढ़ सकते है पेट्रोल-डीजल के दाम
देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लगातार चार महीने तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ठहराव बाद इस सप्ताह वाहन ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों के 13 वर्ष के रिकॉर्ड स्तर 140 डॉलर प्रति पर पहुंचने के बावजूद ईंधन की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं होने के बाद पेट्रोलियम कंपनियां अब अपने घाटे की भरपाई करने के लिए तैयार है। उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ईंधन खुदरा विक्रेताओं के घाटे को कम करने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 15 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की जरूरत है।