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यूपी, एमपी, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में राष्ट्रीय औसत से अधिक महंगाई, दिल्ली-बिहार और उत्तराखंड में कम

देश के कई राज्य ऐसे हैं जहां राष्ट्रीय औसत महंगाई दर 7.79 फीसदी से अधिक है। इनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र समेत मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में महंगाई इस औसत से ज्यादा है। यूपी में महंगाई 8.46, हरियाणा में 8.95, झारखंड में 7.80, मध्य प्रदेश में 9.10, महाराष्ट्र में 8.78 फीसदी महंगाई दर है। वहीं, दिल्ली में महंगाई दर केवल 6.58 फीसद है तो बिहार में 7.56 फीसद और उत्तराखंड में 6.77 फीसद।

बता दें अप्रैल में खुदरा महंगाई दर आठ फीसदी के करीब पहुंच गई है जो पिछले साल के इसी माह से करीब दोगुना है। पिछले साल अप्रैल में खुदरा महंगाई 4.23 फीसदी पर थी। 

खुदरा और थोक महंगाई में अंतर

थोक महंगाई में थोक विक्रेताओं के बिंदु पर कीमतों में वृद्धि को मापा जाता है और केवल वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि को ध्यान में रखता है, जबकि खुदरा महंगाई में खुदरा विक्रेता के बिंदु पर मूल्य वृद्धि को मापा है और इसमें वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में बदलाव को शामिल किया जाता है। थोक महंगाई में सबसे अधिक 64.23 फीसदी भारांक विनिर्मित वस्तुओं का है। जबकि खुदरा महंगाई में सबसे अधिक 45.86 फीसदी भारांक खाद्य और पेय पदार्थों को दिया गया है। 

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यानी जब खाने-पाने का सामान महंगाई होता है तो खुदरा महंगाई में वह दिखता हैं। वहीं जब निर्मित वस्तुओं के दाम बढ़ते हैं तो थोक महंगाई पर उसका असर दिखता है। इसकी वजह से थोक महंगाई से खुदरा महंगाई का आकलन करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि दोनों के आंकड़ों का पैमाना अलग-अलग है।

इन चीजों की महंगाई तेजी से बढ़ी (प्रतिशत में)

  • तेल और घी 17.28
  • सब्जियां 15.41
  • मसाले 10.56
  • खाने पीने की चीजें 8.10
  • ईंधन और बिजली 10.80
  • कपड़े चप्पल 9.85
  • ट्रांसपोर्ट और संचार 10.91
  • व्यक्तिगत देखभाल 8.62
  • फल 4.99
  • तैयार खाना 7.10
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