HomeShare Marketमौद्रिक नीति का असर देर से होगा, महंगाई तुरंत कम होने की...

मौद्रिक नीति का असर देर से होगा, महंगाई तुरंत कम होने की संभावना नहीं: डी.सुब्बाराव

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर डी. सुब्बाराव ने कहा है कि बढ़ती मुद्रास्फीति को रोकने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि में विलंब को लेकर आरबीआई की आलोचना करना अनुचित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी केंद्रीय बैंक के लिए भविष्य का सटीक अनुमान लगाना कठिन होता है।

सुब्बाराव ने कहा कि मौद्रिक नीति का असर देर से होता है, ऐसे में दरों में हाल में की गई वृद्धि से मुद्रास्फीति तुरंत कम होने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, मौद्रिक हालात को मजबूत करने के लिए एमपीसी की गैर-निर्धारित बैठक जैसे जल्दबाजी में उठाए कदम से कई सवाल खड़े हुए हैं।

सुब्बाराव ने कहा कि दुनियाभर के अन्य केंद्रीय बैंकों की तरह आरबीआई को भी तेजी से बदलते भू-राजनीतिक हालात और अस्थिरता के बीच ही कदम उठाने होते हैं। उन्होंने कहा, केंद्रीय बैंकों से भविष्य का सटीक अनुमान लगाने की उम्मीद करना अनुचित है।

क्या ब्याज दरें बढ़ाने का वृद्धि पर असर पड़ेगा? इस पर आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने कहा, दरों में बढ़ोतरी से वृद्धि में तेजी प्रभावित होगी और असर कुछ हद तक तो पड़ेगा ही, लेकिन यह कुछ समय के लिए होगा, मध्यावधि तक कीमतों में स्थिरता सतत वृद्धि के लिए सहायक होगी।

संबंधित खबरें

एसएंडपी ने भारत का वृद्धि पूर्वानुमान घटाकर 7.3 फीसदी किया

वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की वृद्धि के पूर्वानुमान को पहले के 7.8 फीसदी से घटाकर 7.3 फीसदी कर दिया है, ऐसा बढ़ती मुद्रास्फीति और रूस तथा यूक्रेन के बीच लंबी खिंचती लड़ाई के मद्देनजर किया गया है।

एसएंडपी ने अपनी ‘ग्लोबल मेक्रो अपडेट टू ग्रोथ फोरकास्ट्स’ में कहा कि मुद्रास्फीति का लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बना रहना चिंता का विषय है, ऐसे में केंद्रीय बैंकों को दरों में वृद्धि करना पड़ती है और उत्पादन तथा रोजगार पर बुरा असर पड़ता है।

LPG Price Hike: एलपीजी सिलेंडर के फिर बढ़े दाम, चेक करें आज कितना हुआ महंगा

एसएंडपी ने कहा, पिछले पूर्वानुमान के बाद से हमारे पूर्वानुमान के प्रति जोखिम बढ़ गया है और यह मजबूती से नीचे की ओर बना हुआ है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लंबा खिंचने की आशंका है, जिससे जोखिम बढ़ा है। अनुमान है कि 2021-22 में भारत की जीडीपी वृद्धि 8.9 फीसदी रही। एसएंडपी के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति 6.9 फीसदी रह सकती है।

RELATED ARTICLES

Most Popular