असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार ने एक पेंशन योजना की शुरुआत की थी। इस पेंशन योजना का नाम- प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन है। इस योजना के 3 साल पूरे हो गए हैं। आज हम आपको इस पेंशन योजना की कुछ जरूरी जानकारी देंगे।
-इस योजना में 18 से 40 साल के कामगार अप्लाई कर सकते हैं। मासिक किस्त की बात करें तो 55 से 200 रुपए तक है। ये कंट्रीब्युशन 60 साल की उम्र तक के लिए है। योजना के तहत 60 साल की उम्र पार करने के बाद हर महीने 3,000 यानी सालाना 36,000 रुपये तक मिलेंगे। आपको बता दें कि ये स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। जितनी रकम सब्सक्राइबर कंट्रीब्युट करता है उतना ही योगदान भारत सरकार का है।
स्कीम की शर्तें: स्कीम के लिए ये जरूरी है कि कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस), कर्मचारी राज्य बीमा निगम योजना, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन योजना से भी न जुड़ा हो। इसके अलावा आयकर दाता भी इस योजना में हिस्सा नहीं ले सकता है। योजना में जुड़ने वाले कामगार की मासिक आय 15 हजार या उससे कम की हो, तो वह स्कीम से जुड़ सकता है।
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मौत के बाद क्या होगा: किसी लाभार्थी ने नियमित अंशदान दिया है और किसी कारण से उसकी मृत्यु हो जाती है, तो उसका जीवनसाथी शेष अवधि के लिए नियमित अंशदान का भुगतान करके योजना में शामिल हो सकता है। इसके बाद अंशदान की अवधि पूरी होने पर, यानी 60 साल पर, वह 3 हजार रुपए के मासिक पेंशन का हकदार होगा। अगर योगदान नहीं करना चाहते हैं तो नॉमिनी को ब्याज के साथ रकम वापस कर दी जाएगी। ये रकम बैंक के बचत खातों पर लगने वाले ब्याज के आधार पर दी जाएगी।