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PM Matru Vandana Yojana: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने महिलाओं के हित में कई योजनाओं की शुरुआत कर चुकी है। ऐसी ही एक योजना-प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार गर्भवती महिला को शर्तों के साथ आर्थिक मदद करती है।
कब हुई थी योजना की शुरुआत: 1 जनवरी 2017 को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) की शुरुआत हुई थी। हालांकि, तीन साल बाद अप्रैल 2022 से मिशन शक्ति के एक घटक के रूप में संशोधित किया गया। इसका मकसद महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान मजदूरी हानि के आंशिक मुआवजे के लिए नकद प्रोत्साहन देना है, ताकि महिलाएं बच्चे के जन्म से पूर्व और पश्चात् पर्याप्त आराम कर सकें। इसके जरिए गर्भवती महिलाओं व स्तनपान कराने वाली माताओं (पीडब्ल्यू एंड एलएम) के बीच स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार में सुधार करने पर भी जोर दिया जाता है।
6000 रुपये तक की मदद: सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए यह योजना दो किश्तों में दिए जाने वाला 5,000/- रुपये का मातृत्व लाभ देती है। योजना के इस लाभ का विस्तार अब दूसरे बच्चे के लिए भी कर दिया गया है, बशर्ते कि दूसरा बच्चा लड़की हो। इस संशोधित ढांचे में, माताएं दूसरी लड़की के जन्म के बाद एक ही किस्त में ₹6000 की प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने की पात्र हैं।
इससे कन्या भ्रूण हत्या को हतोत्साहित करके और श्रम बल की भागीदारी को बढ़ाकर जन्म के समय लिंग अनुपात में सुधार करने में भी योगदान मिलेगा। इसके अलावा यह योजना समय पर टीकाकरण, प्रसव पंजीकरण और संस्थागत जन्म के लिए पंजीकरण को भी प्रोत्साहित करती है। इस योजना की शुरुआत से 3.11 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को कुल 14,103 करोड़ रुपये की राशि का वितरण करके वित्तीय सहायता दी गई है। लाभार्थी को पीएमएमवीवाई पोर्टल और मोबाइल ऐप प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से सहज पैसे ट्रांसफर कर दिया जाता है।