मूनलाइटिंग को लेकर आईटी कंपनियां अब सख्ती बरत रही हैं। विप्रो, इन्फोसिस, टीसीएस के बाद अब एचसीएल टेक्नोलॉजीज ने ‘मूनलाइटिंग’ को लेकर कहा है कि वह एक साथ दो जगह काम करने का समर्थन नहीं करती है और यह कंपनी के भीतर कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। जब कोई कर्मचारी अपनी नियमित नौकरी के साथ ही कोई अन्य काम भी करता है तो उसे तकनीकी तौर पर ‘मूनलाइटिंग’ कहा जाता है। गौरतलब है कि विप्रो के चेयरमैन रिषद प्रेमजी की मूनलाइटिंग पर टिप्पणी के बाद यह चर्चा का एक मुद्दा बन गया है। विप्रो ने मूनलाइटिंग को जहां धोखा बताया है वहीं इन्फोसिस ने इसे अनैतिक कहा है।
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कंपनी के चीफ पीपल ऑफिसर (सीपीओ) रामचंद्रन सुंदरराजन ने दूसरी तिमाही के नतीजों का ब्योरा देने के दौरान कहा, ”एचसीएल के साथ काम करते हुए हम अन्य जगह भी काम करने का समर्थन नहीं करते हैं।”
उन्होंने कहा, ”एचसीएल टेक के लिए काम करने वाला हर व्यक्ति रोजगार अनुबंध पर हस्ताक्षर करता है। इसके लिए विशिष्टता की आवश्यकता होती है। हम अपने कर्मचारियों से अनुबंध में मौजूद प्रावधानों की प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने की अपेक्षा करते हैं।”
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उन्होंने कहा कि सौभाग्य से मूनलाइटिंग एचसीएल टेक्नोलॉजीज के भीतर एक बड़ी समस्या के रूप में सामने नहीं आया है।