सुप्रीम कोर्ट ने आज सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) के समक्ष मध्यस्थता की कार्यवाही फिर से शुरू करने का आदेश दिया। फ्यूचर रिटेल के रिलायंस रिटेल लिमिटेड में अधिग्रहण को लेकर 24,500 करोड़ रुपये की डील पर सहमति दी गई थी। हालांकि, बाद में बीच में फ्यूचर समूह के साझेदार अमेजन ने अनुबंधों के उल्लंघन का हवाला देकर अदालत का दरवाजा खटखटाया जिसके चलते डील पूरी नहीं हो पाई और मामला पेचीदा होते चला गया।
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मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने एसआईएसी के समक्ष मध्यस्थता की कार्यवाही फिर से शुरू करने पर अमेरिकी ई-कॉमर्स प्रमुख अमेजन और फ्यूचर समूह की सहमति पर ध्यान दिया।
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क्या कहा गया
पीठ ने कहा कि SIAC ट्रिब्यूनल मध्यस्थता और सुलह अधिनियम के प्रावधान के तहत दायर FRL की याचिका पर एक उचित आदेश पारित करेगा। बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ड ने फ्यूचर ग्रुप और अमेजन को संयुक्त रूप से दिल्ली उच्च न्यायालय से अनुरोध करने के लिए कहा था कि वह पहले अमेजन की प्रवर्तन याचिकाओं पर सुनवाई करे, जो एफआरएल की संपत्ति के संरक्षण से भी संबंधित है।
अमेजन ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 5 जनवरी के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया था, जिसने रिलायंस रिटेल के साथ फ्यूचर रिटेल के विलय सौदे पर मध्यस्थ न्यायाधिकरण के समक्ष कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।
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