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मुकेश अंबानी की कंपनी करेगी दर्जनों छोटे किराना और नॉन-फूड ब्रांड्स का अधिग्रहण, यूनिलीवर-नेस्ले को चुनौती! 

मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) कंज्यूमर गुड्स के कारोबार (Consumer goods business) में सबसे बड़े प्लेयर बनने की तैयारी कर रहे हैं। भारत की सबसे बड़ी रिटेलर रिलायंस (Reliance) दर्जनों छोटे किराना और नॉन-फूड ब्रांड्स का अधिग्रहण कर सकती है। रिलायंस का लक्ष्य 6.5 अरब डाॅलर कंज्यूमर गुड्स के कारोबार का है। इससे यूनिलीवर जैसे विदेशी दिग्गज प्लेयर को कड़ी टक्कर मिल सकती है। इसकी जानकारी मामले से वाकिफ रखने वाले दो सूत्रों ने रायटर को दी है।

जानिए क्या है अंबानी का प्लान?
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस अगले 6 महीने के भीतर 50 से 60 किराना, घरेलू और पर्सनल केयर ब्रांड्स  का एक  बड़ा  पोर्टफोलियो बनाने की योजना बना रही है। साथ ही इसे देश के सबसे बड़े रिटेल आउटलेट बनाने के मकसद से काफी संख्या में डिलिवरी पार्टनल की हायरिंग शुरू कर दी गई है। सोर्स के मुताबिक, रिलायंस लगभग 30 बड़े और मशहूर लोकर कंज्यूमर ब्रांड्स के साथ बातचीत के अंतिम चरण में है। कंपनी इस डील को जल्द से जल्द फाइनल करना चाह रही है। जानकारी के मुताबिक, रिलायंस इन ब्रांड्स का या तो पूरा टेकओवर करेगी या फिर ज्वाइंट वेंचर पार्टनरशिप के तहत करेगी। हालांकि, रिलायंस ने इस मामले पर फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया है। 

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पांच साल के भीतर 500 अरब रुपये ब्रिकी का लक्ष्य
ब्रांड हासिल करने के लिए कंपनी कितना निवेश करेगी यह अभी स्पष्ट नहीं है। एक अन्य सोर्स ने कहा है कि रिलायंस ने पांच साल के भीतर कारोबार से 500 अरब रुपये (6.5 अरब डॉलर) की सालाना बिक्री हासिल करने का लक्ष्य रखा है। सूत्रों के मुताबिक, इस अधिग्रहण के बाद रिलायंस अलग-अलग ब्रांड्स का एक हाउस बन जाएगा। 

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इन ब्रांड्स को चुनौती
नई कारोबार योजना के साथ रिलायंस दुनिया के कुछ सबसे बड़े कंज्यूमर ग्रुप जैसे नेस्ले, यूनिलीवर, पेप्सिको इंक और कोका-कोला को चुनौती देना चाहता है। बता दें कि ये कंपनियां भारत में दशकों से काम कर रही हैं। 

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