देश की सबसे बड़ी आवास वित्त कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड (HDFC Ltd.) का देश के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में मर्जर होगा। इस मर्जर से एचडीएफसी लिमिटेड के कर्मचारियों पर कोई असर नहीं होगा। यह बातें एचडीएफसी (HDFC) के चेयरमैन दीपक पारेख ने कहीं। उन्होंने कहा कि विलय के बाद बनी इकाई की संयुक्त बैलेंस शीट 17.87 लाख करोड़ रुपये, कुल संपत्ति 3.3 लाख करोड़ रुपये होगी।
बता दें एचडीएफसी बैंक ने सोमवार को शेयर बाजार को बताया कि विलय की योजना भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय प्रतिभूति तथा विनिमय बोर्ड (सेबी) सहित विभिन्न नियामक मंजूरियों के अधीन है।विलय योजना के अनुसार सौदा पूरा होने पर एचडीएफसी बैंक का 100 प्रतिशत हिस्सा सार्वजनिक शेयरधारकों के पास होगा, और एचडीएफसी के मौजूदा शेयरधारकों के पास बैंक का 41 प्रतिशत हिस्सा होगा।
प्रस्तावित सौदे के तहत एचडीएफसी लिमिटेड के प्रत्येक 25 इक्विटी शेयरों के लिए एचडीएफसी बैंक के 42 इक्विटी शेयर मिलेंगे। कंपनी ने शेयर बाजार को बताया, ”ऑडिट समिति और स्वतंत्र निदेशकों की समिति की सिफारिश और रिपोर्ट पर विचार करने के बाद, एचडीएफसी बैंक के निदेशक मंडल ने चार अप्रैल, 2022 को हुई अपनी बैठक में एचडीएफसी इंवेस्टमेंट्स और एचडीएफसी होल्डिंग्स के हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचडीएफसी लिमिटेड) में, और एचडीएफसी लिमिटेड के एचडीएफसी बैंक में विलय की एक समग्र योजना को मंजूरी दी।”
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एचडीएफसी के वाइस चेयरमैन और सीईओ केकी मिस्त्री ने कहा, ”यह विलय एचडीएफसी बैंक को वैश्विक मानकों से भी बड़ा ऋणदाता बना देगा। इससे एचडीएफसी बैंक में एफआईआई हिस्सेदारी के लिए और अधिक जगह बनेगी।” एचडीएफसी-एचडीएफसी बैंक का विलय वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी या तीसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है। एचडीएफसी के पास कुल 6.23 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है, जबकि एचडीएफसी बैंक के पास 19.38 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। एचडीएफसी बैंक का 6.8 करोड़ का बड़ा ग्राहक आधार है।