भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Twitter पर एक सरकारी एजेंट को रखने का दबाव बनाया था। व्हिसलब्लोअर खुलासे के मुताबिक यह दावा ट्विटर के पूर्व सुरक्षा प्रमुख पीटर ‘मुज’ जटको ने किया है। उन्होंने अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग के सामने ट्विटर पर अन्य सुरक्षा चूक के दावों के साथ इस मुद्दे को भी उठाया है।
कंपनी के एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि भारत सरकार को लेकर आरोप पर चर्चा ट्विटर के मैनेजमेंट के भीतर भी हुई थी। भारत के आईटी मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
वहीं, जटको के आरोपों के संबंध में ट्विटर प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “हमने अब तक जो देखा है वह ट्विटर और हमारी गोपनीयता के अलावा डेटा सुरक्षा के बारे में एक झूठी कहानी है। यह विसंगतियों और गलतियों से भरा हुआ है।”
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इधर, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी को अदालत में हाजिर होने का नोटिस भेजा है। अदालती दस्तावेजों के अनुसार यह समन मस्क के ट्विटर सौदे से पीछे हटने पर शुरू हुई कानूनी कार्रवाई के संबंध में भेजा गया है। इसके तहत डोर्सी को गवाही के लिए अदालत में आना होगा। बता दें कि मस्क ने 44 अरब अमेरिकी डॉलर में ट्विटर के अधिग्रहण का सौदा किया था, हालांकि बाद में वह अपनी पेशकश से पीछे हट गए।