भारतीय शेयर बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा लगातार पांचवें महीने बिकवाली का सिलसिला जारी रहा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने फरवरी में घरेलू बाजारों से ₹35,000 करोड़ से अधिक की निकासी की।
मार्च 2021 के बाद सबसे अधिक निकासी
विदेशी निवेशक पिछले साल अक्टूबर से भारतीय बाजारों से फंड निकाल रहे हैं, लेकिन इस महीने फंड निकासी फ्लो मार्च 2021 के बाद से सबसे अधिक है। मार्च 2021 में FPI ने 1,18,203 करोड़ रुपये निकाले थे। फेड के फैसले और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समेत कई वजहों से विदेशी निवेश मार्केट से पैसे निकाल रहे हैं।
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क्या कहते हैं जानकार
मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर (मैनेजर रिसर्च) हिमांशु श्रीवास्तव ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि यूएस फेड के प्रोत्साहन उपायों को कम करने और ब्याज दरों को जल्द से जल्द बढ़ाने के फैसले के बाद आउट फ्लो की गति में तेजी से वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा, “रूस और यूक्रेन के बीच तनाव और दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर युद्ध की आशंकाओं के बीच, विदेशी निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश से दूर रहना शुरू कर दिया।”
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इक्विटी से ₹31,158 करोड़ रुपये निकाले
1-25 फरवरी के दौरान, FPI ने इक्विटी से ₹31,158 करोड़ रुपये निकाले, Debt सेगमेंट से विदेशी निवेशकों ने ₹4,467 करोड़ निकाले हैं। हालांकि, उसी समय के दौरान हाइब्रिड उपकरणों में ₹ 120 करोड़ का निवेश किया गया। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि यह अनुमान लगाना मुश्किल है कि यूक्रेन संकट कैसे सामने आएगा। यदि संघर्ष कुछ समय के लिए बना रहता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए परिणाम गंभीर होंगे।