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बेरोजगारी के मोर्चे पर मामूली राहत, शहरी क्षेत्र के आंकड़ों में आई कमी

शहरी क्षेत्रों में 15 साल और उससे अधिक उम्र के व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी दर अप्रैल-जून, 2021 में घटकर 12.6 प्रतिशत रह गई, जो इससे पिछले साल की इसी अवधि में 20.8 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के सोमवार को जारी श्रमबल सर्वेक्षण से यह जानकारी मिली है। आपको बता दें कि अप्रैल-जून, 2021 में कोरोना की दूसरी लहर थी।

बेरोजगारी दर (यूआर) को श्रमबल में बेरोजगार व्यक्तियों के प्रतिशत के रूप में परिभाषित किया गया है। बेरोजगारी दर अप्रैल-जून, 2020 में सबसे अधिक थी। ऐसा कोरोना वायरस महामारी को नियंत्रण में रखने के लिए लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन के चलते था।

एनएसओ के 11वें आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के मुताबिक, जनवरी-मार्च, 2021 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी दर शहरी क्षेत्रों में 9.3 प्रतिशत थी। सर्वेक्षण के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में महिलाओं (15 वर्ष और उससे अधिक आयु) की बेरोजगारी दर भी अप्रैल-जून, 2021 में घटकर 14.3 प्रतिशत रह गई, जो इससे एक साल पहले इसी अवधि में 21.1 प्रतिशत थी। यह आंकड़ा जनवरी-मार्च, 2021 में 11.8 प्रतिशत था।

इसी तरह शहरी क्षेत्रों में पुरुषों की बेरोजगारी दर भी घटकर 12.2 प्रतिशत रह गई, जो इससे एक साल पहले इसी अवधि में 20.7 प्रतिशत थी। यह आंकड़ा जनवरी-मार्च 2021 में 8.6 फीसदी था।

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