ऐप पर पढ़ें
Privatisation News: केन्द्र की मोदी सरकार अगले महीने शिपिंग कॉर्प ऑफ इंडिया लिमिटेड (SCI) के प्राइवेटाइजेशन के लिए वित्तीय बोली मंगवाने की तैयारी में है। दो सरकारी अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि यह कदम राज्य द्वारा संचालित कंपनी को बेचने में देरी के बाद आया है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने 2019 में शिपिंग कॉर्प ऑफ इंडिया लिमिटेड (SCI) में अपनी हिस्सेदारी की बिक्री सहित कई राज्य-संचालित कंपनियों के निजीकरण की योजना की घोषणा की थी। हालांकि, नियामक देरी ने पहले इन प्रयासों को रोक दिया था। बता दें कि आज मंगलवार को शिपिंग कॉर्प ऑफ इंडिया लिमिटेड के शेयरों में अपर सर्किट लग गया है। कंपनी के शेयर 5% तक चढ़कर 85.17 रुपये पर पहुंच गए।
सरकार की इतनी हिस्सेदारी
शिपिंग कॉर्प ऑफ इंडिया लिमिटेड (SCI) बल्क कैरियर और कच्चे तेल के टैंकरों के संचालन में लगी हुई है। कंपनी में सरकार अपनी 63.75% हिस्सेदारी बेचेगी। फरवरी के अंत में रेगुलेटरी अप्रूवल मिलने के बाद SCI ने पिछले महीने अपनी गैर-प्रमुख संपत्तियों के स्पिनऑफ़ को सफलतापूर्वक पूरा किया।
सरकार को बिजली बेचेगी यह कंपनी, शेयर बना रॉकेट, रेस में थी अंबानी की रिलायंस
एससीआई के लिए मंगवाई जाएगी बोली
सूत्रों ने कहा कि सरकार अब एससीआई के लिए वित्तीय बोलियां आमंत्रित करना चाहती है, जो मई के मिड तक शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय 14 अप्रैल को भारत के कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता वाली एक समिति द्वारा लिया जाएगा। सरकारी अधिकारियों में से एक ने खुलासा किया कि एक पैनल कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में सरकार की 31% हिस्सेदारी बेचने के लिए प्रारंभिक बोलियां आमंत्रित करने के प्रस्ताव पर भी विचार करेगा जो 2020 से विलंबित है। हालांकि, इस मामले पर वित्त मंत्रालय की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया है।