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Tata Steel share: साल के पहले ही दिन टाटा की कंपनी टाटा स्टील के शेयर ने धमाकेदार शुरुआत की। एक जनवरी को टाटा स्टील के शेयर की कीमत 142 रुपये तक पहुंच गई, जो इसके 52 हफ्ते का हाई भी है। हालांकि, ब्रोकरेज कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज इस शेयर को लेकर थोड़ा सतर्क नजर आ रहा है। ब्रोकरेज ने टाटा स्टील के शेयर पर अपनी रेटिंग को ‘खरीदें’ से घटाकर ‘कम’ कर दिया है। हालांकि, इस शेयर का टारगेट प्राइस 145 रुपये पर बरकरार रखा है। आपको बता दें कि यह शेयर पिछले साल मार्च महीने में 101.65 रुपये के 52 वीक लो पर था। इस तरह 9 महीने में शेयर की कीमत 100-142 रुपये के रेंज में है।
क्या कहा ब्रोकरेज ने
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि टाटा स्टील के शेयर में पिछले दो महीनों में 20 फीसदी की तेजी देखी गई है, जिसका मुख्य कारण मार्केट में तेजी है। टाटा स्टील के शेयर पिछले एक महीने में 7 फीसदी और पिछले छह महीने में 23 फीसदी बढ़े हैं। हालांकि, इसके मार्जिन में गिरावट आई है। कोटक ने कहा कि यूरोप के स्टील स्प्रेड में लगातार दबाव है। कोटक ने कहा कि टाटा स्टील के लिए कोकिंग कोयले की कीमतें दिसंबर तिमाही में 300-350 डॉलर प्रति टन पर बनी हुई हैं और ऑस्ट्रेलिया में आपूर्ति में व्यवधान के कारण कीमतें ऊंची रहनी चाहिए।
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कंपनी के सीईओ ने क्या कहा
हाल ही में टाटा स्टील के सीईओ और एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा कि इंफ्रा के ग्रोथ पर सरकार के जोर के कारण स्टील की मांग बढ़ती रहेगी। उन्होंने कहा-वैश्विक महामारी के बाद भी स्टील उद्योग में पुनरुद्धार जारी है। वास्तव में, हम रिजर्व बैंक के छोटी-छोटी इकाइयों के लिए सूझ-बूझ के साथ उठाये गये कदमों, इंफ्रा के विकास के लिए किये गए निवेश के कारण समस्याओं से उबरने में कामयाब रहे।
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नरेंद्रन ने कहा कि स्टील की मांग 2023 में 10 से 12 प्रतिशत बढ़ी। यह रुख कायम रहने की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने चीन से आयात बढ़ने को लेकर आशंका भी जतायी। चीन 2023 में हर महीने 80 लाख टन स्टील का निर्यात कर रहा है। यह 2015 के बाद से सबसे अधिक है। इससे अंतरराष्ट्रीय स्टील की कीमतों के साथ-साथ लाभ पर भी प्रभाव पड़ता है। सीईओ के मुताबिक टाटा स्टील को अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए हर साल अपनी क्षमता 10 से 20 लाख टन बढ़ानी होगी और हम इस दिशा में काम कर रहे हैं।