भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने क्रेडिट कार्ड को UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) से जोड़ने की अनुमति दे दी है। इसे आम लोगों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। सवाल है कि आखिर इस सुविधा का आप कैसे लाभ उठा सकेंगे? आरबीआई के इस फैसले के फायदे का गणित क्या है। आपको हम सबकुछ समझाएंगे।
पहले UPI को समझ लीजिए: इसकी जानकारी से पहले थोड़ा UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) को समझ लेना जरूरी है। दरअसल, UPI एक ऐसा कॉन्सेप्ट है, जो कई बैंक अकाउंट को एक मोबाइल ऐप के जरिये पैसे ट्रांसफर करने की इजाजत देता है। हर पेमेंट को अधिकृत करने के लिए मोबाइल पिन एंटर करना जरूरी होता है। इसके बाद ही आप पेमेंट कर सकते हैं।
नई सुविधा क्या है: फिलहाल UPI, डेबिट कार्ड के जरिये सेविंग या करंट अकाउंट से जुड़ सकता है और इसी के जरिए आप पेमेंट कर सकते हैं। हालांकि, अब इसमें क्रेडिट कार्ड का भी विकल्प मिल गया है। आरबीआई की नई सुविधा से डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा तो मिलेगा ही, इसके साथ यूजर्स को पेमेंट का नया विकल्प भी मिलेगा। आप शॉपिंग से लेकर पैसे ट्रांसफर करने तक का काम क्रेडिट कार्ड से जोड़कर कर सकते हैं।
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उदाहरण से समझें: मान लीजिए कि सुधीर अपने साथी रमेश को पैसे ट्रांसफर करना चाहता है। सुधीर के बैंक अकाउंट में पैसे नहीं हैं तो वह अपने क्रेडिट कार्ड से पैसे जोड़कर फिर रमेश को देने के मूड में है। अब तक की सुविधा के मुताबिक आप क्रेडिट कार्ड से किसी थर्ड पार्टी ऐप-Paytm, Mobikwik, PhonePay आदि के जरिए पैसे जोड़ सकते हैं। इसके एवज में चार्ज भी देना पड़ता है।
हालांकि, नई सुविधा में आप डायरेक्ट UPI के जरिए दूसरे किसी के बैंक अकाउंट में पैसे भेज सकेंगे। कहने का मतलब ये हुआ कि सुधीर को क्रेडिट कार्ड से पैसे जोड़ने के लिए अब थर्ड पार्टी ऐप की जरूरत नहीं होगी। वह, सीधा अपने साथी रमेश को पैसे ट्रांसफर कर सकेगा। इसके एवज में किसी तरह का चार्ज नहीं देना होगा। हालांकि, आरबीआई ने चार्जेज को लेकर स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा है लेकिन इस सुविधा की शुरुआत रुपे क्रेडिट कार्ड से होगी।
क्रेडिट कार्ड के जरिए भी होगा UPI पेमेंट, RBI ने यूजर्स को दी बड़ी राहत
इसी तरह सुधीर किसी दुकान पर जाता है तो वहां स्कैनर मिलेगा, जिसे स्कैन करने के बाद वह UPI के जरिए क्रेडिट कार्ड से पेमेंट कर सकेगा। इस दौरान सुधीर को किसी तरह का अतिरिक्त चार्ज नहीं देना होगा। आप सामान्य तौर पर जिस तरह से क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और चार्जेज देना पड़ता है, उसी तरह UPI के जरिए पेमेंट पर भी क्रेडिट कार्ड का चार्ज देना होगा। कहने का मतलब ये है कि जो भी अतिरिक्त चार्जेज लगेंगे, वो क्रेडिट कार्ड के होंगे।
गूगल पे पर मिलता है विकल्प: यहां जानकारी के लिए आपको बता दें कि गूगल पे जैसे कुछ पेमेंट्स ऐप्स पर पहले से क्रेडिट कार्ड को यूपीआई से ऐड करने का विकल्प मिलता है। हालांकि, यह मर्चेंट के लिए होता है। मतलब ये कि आप मर्चेंट को पेमेंट कर सकते हैं, किसी निजी व्यक्ति को नहीं।
गूगल पे जैसे ऐप्स पर डेबिट/क्रेडिट कार्ड जोड़ने का विकल्प सिर्फ ‘पे बिजनेसेज’ सेक्शन के लिए है। किसी व्यक्ति को पेमेंट के लिए यह सुविधा नहीं है। बहरहाल, आरबीआई अपने ताजा फैसले को लेकर जल्द ही दिशानिर्देश जारी करने के मूड में है। इसके बाद स्थिति और ज्यादा स्पष्ट हो जाएगी।