आम लोगों के लिए राहत की खबर है। फिलहाल कुछ दिन और अभी पेट्रोल और डीजल की कीमत स्थिर रह सकती है। ज्यादा संभावना यह है कि दाम कम हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल की कीमतों में कमी आई है। वहीं, महंगाई से लोग परेशान हैं। ऐसे में तेल कंपनियां उपभोक्ताओं पर और बोझ नहीं डालना चाहती।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार और तेल कंपनियों के बीच फिल्हाल दाम स्थिर रखने पर सहमति बनी है। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि कब तक दाम स्थिर रहेंगे। राजधानी दिल्ली में 22 मई के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमत स्थिर हैं। एक अप्रैल से अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सिर्फ आठ बार बदलाव हुआ है।
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पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) के आंकड़ों के मुताबिक पिछले कुछ माह कच्चा तेल की कीमतों में कमी आई है। अप्रैल में कच्चा तेल के दाम 102.97, मई में 109.51 डॉलर, जून में 116.01 डॉलर, जुलाई में 105.49 डॉलर और अगस्त में 97.15 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। क्षेत्र के जानकार मानते हैं कि कच्चा तेल के दाम अभी कुछ कम हो सकते हैं।
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कोरोना महामारी के बाद तेल की कीमत कई बार लंबे वक्त तक स्थिर रही हैं। इससे पहले कोरोना महामारी के दौरान भी कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान भी काफी दिनों तक कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है। वर्ष 2020 में बिहार चुनाव में करीब तीन माह तक दाम स्थिर रहे थे। ऐसे में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कीमत स्थिर रह सकती है।