HomeShare Marketदिव्यांग ने जीता Microsoft का दिल, कंपनी ने दिया 47 लाख रुपये...

दिव्यांग ने जीता Microsoft का दिल, कंपनी ने दिया 47 लाख रुपये की सैलरी का ऑफर

ग्लूकोमा की जन्मजात बीमारी के कारण इंदौर के यश सोनकिया की आंखों की रोशनी आठ साल की उम्र में पूरी तरह चली गई थी, लेकिन इससे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का उनका सपना जरा भी धुंधला नहीं पड़ा और अब दिग्गज आईटी कंपनी Microsoft ने उन्हें करीब 47 लाख रुपये की सैलरी पैकेज वाली नौकरी की पेशकश की है।

कैसे मिली यह नौकरी: 25 वर्षीय सोनकिया ने बताया कि वह यह ऑफर कबूल करते हुए Microsoft के बेंगलुरु स्थित दफ्तर से बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर जल्द ही जुड़ने जा रहे हैं, हालांकि शुरुआत में उन्हें घर से ही काम करने को कहा गया है।  उन्होंने बताया,‘‘विशेष तकनीक वाले स्क्रीनरीडर सॉफ्टवेयर की मदद से बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने नौकरी ढूंढनी शुरू की। मैंने कोडिंग सीखी और माइक्रोसॉफ्ट में भर्ती की अर्जी दी। ऑनलाइन परीक्षा और इंटरव्यू के बाद मुझे माइक्रोसॉफ्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर चुना गया है।’’

पिता कैंटीन चलाते हैं: सोनकिया के पिता यशपाल सोनकिया शहर में एक कैंटीन चलाते हैं। उन्होंने बताया कि बेटे के जन्म के अगले ही दिन उन्हें पता चला कि उसे ग्लूकोमा की जन्मजात बीमारी है जिससे उसकी आंखों में बेहद कम रोशनी थी। यशपाल सोनकिया ने बताया कि उन्होंने अपने मेधावी बेटे को पांचवीं तक विशेष जरूरत वाले बच्चों के विद्यालय में पढ़ाया, लेकिन कक्षा छह से उसे सामान्य बच्चों वाले स्कूल में भर्ती करा दिया जहां उसकी एक बहन ने खासकर गणित तथा विज्ञान की पढ़ाई में उसकी मदद की।

बेटे की उपलब्धि पर भावुक पिता ने कह कि यश मेरा बड़ा बेटा है और उसके साथ मेरे भी सपने जुड़े थे। कई संघर्षों के बाद उसका पेशेवर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का सपना आखिरकार पूरा हो गया है।

RELATED ARTICLES

Most Popular