टाटा समूह की रियल एस्टेट शाखा टाटा हाउसिंग ने अगले दो वर्षों में भूमि अधिग्रहण के लिए लगभग 1,200 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बनाई है। कंपनी खुद और संयुक्त उद्यमों के जरिए प्रमुख शहरों में भूमि अधिग्रहण करेगी तथा यहां समूह आवास परियोजनाओं के साथ ही प्लॉट डेवलपमेंट की योजना है।
टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर के सीईओ और एमडी संजय दत्त ने के साथ एक साक्षात्कार में कहा कि महामारी के दौरान प्लॉट की मांग में काफी वृद्धि हुई है और कंपनी ने बेंगलुरु में सभी 157 प्लाट्स को 130 करोड़ रुपये में बेचा है। टाटा हाउसिंग डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और टाटा रियल्टी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड टाटा संस की 100 प्रतिशत सहायक कंपनियां हैं।
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टाटा हाउसिंग ने हाल ही में बेंगलुरु के देवनहल्ली में एक परियोजना ‘स्वरम’ शुरू की है। परियोजना की शुरुआत के 36 घंटों के भीतर सभी प्लॉट बिक गए। उन्होंने कहा, ”हमने सभी 157 प्लाॅट्स 130 करोड़ रुपये में बेचे।”
यह परियोजना टाटा हाउसिंग की 140 एकड़ की टाउनशिप कर्नाटक का हिस्सा है, जिसे वन बैंगलोर लक्जरी प्रोजेक्ट्स एलएलपी ने विकसित किया है, जो टाटा हाउसिंग डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और एमएस रमैया रियल्टी एलएलपी के बीच एक संयुक्त उद्यम है।