टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा टेलीसर्विसेज लि. (टीटीएमएल) के शेयर अब फिर से उड़ान भरने लगे हैं। एक साल पहले जिसने भी एक लाख रुपये टाटा की इस कंपनी के शेयरों में लगाए होंगे, उसका एक लाख 7 लाख 90000 हो गया होगा। यह स्टॉक 290.15 रुपये से 93.40 रुपये तक लुढ़कने के बाद पिछले 5 सत्रों से लगातार अपर सर्किट के साथ कारोबार कर रहा है। बता दें पिछले दिनों टीटीएमएल के शेयर निवेशकों को लगातार कंगाल कर रहे थे। इसके खरीदार नहीं मिल रहे थे और आज कोई बेचने को तैयार नहीं है। मंगलवार को बाजार खुलते ही टीटीएमएल का शेयर 5 फीसद के अपर सर्किट के साथ 119.30 रुपये पर पहुंच गया है।
इस टेलीकॉम कंपनी के शेयर ने पिछले 5 दिनों में करीब 30 फीसद का रिटर्न दिया है। अगर पिछले 6 महीने की बात करें तो इसके हर शेयर पर 82.05 रुपये का मुनाफा यानी 220.27 फीसद का रिटर्न दिया है। हालांकि पिछले 1 महीने में यह शेयर अपने निवेशकों को 14.79 फीसद का नुकसान करा चुका है। अगर इस साल की बात करें तो यह अबतक 44.93 फीसद तक टूट चुका है। हालांकि एक साल पहले जिसने भी इसमें पैसा लगाकर रखा है, वह अभी 690.07 फीसद के मुनाफे में है। 15 मार्च 2021 को टीटीएमएल के शेयर का मूल्य 15.10 रुपये का था।
Gold Rate Today: शादियों के सीजन से पहले खुशखबरी, सोना हुआ और सस्ता, चांदी 1065 रुपये टूटी
बता दें टाटा टेलीसर्विसेज लि. (टीटीएमएल) ने समयोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाये से संबंधित ब्याज को इक्विटी में बदलने के निर्णय के बाद यह स्टॉक बुरी तरह गिरा। इसके बाद कंपनी ने अपने इस निर्णय को रद्द कर दिया तो शेयर कुछ दिन उछला, लेकिन कंपनी को दिसंबर 2021 को समाप्त तीसरी तिमाही में 302 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा होने की खबर आने के बाद से ही इसमें हर रोज लोअर सर्किट लगने लगा। एक साल पहले की तिमाही में 298 करोड़ का नुकसान हुआ था। 11 जनवरी को टीटीएमएल का शेयर अपने ऑल टाइम हाई 290.15 रुपये पर बंद हुआ था।
राॅकेट की स्पीड से भाग रहा बाबा रामदेव की इस कंपनी के शेयर, 2 दिन में ही निवेशकों को 40% का फायदा
क्या करती है टीटीएमएल?
टीटीएमएल, टाटा टेलीसर्विसेज की सब्सिडियरी कंपनी है। यह कंपनी अपने सेगमेंट में मार्केट लीडर है। कंपनी वॉइस, डेटा सर्विसेज देती है। कंपनी के ग्राहकों की लिस्ट में कई बड़े नाम है। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक बीते महीने कंपनी ने स्मार्ट इंटरनेट बेस्ड सर्विस कंपनियों के लिए शुरू की है। इसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है, क्योंकि इसमें कंपनियों को फास्ट इंटरनेट के साथ क्लाउड बेस्ड सिक्योरिटी सर्विसेज और ऑप्टोमाइज्ड कंट्रोल मिल रहा है।
सहारा इंडिया के निवेशकों को कब मिलेगा पैसा, मोदी सरकार ने संसद में बताया
इसकी सबसे बड़ी खासियत क्लाउड आधारित सिक्योरिटी है जिससे डेटा को सुरक्षित रखा जा सकेगा। जो बिजनेस डिजिटल आधार पर चल रहे हैं, उन्हें इस लीज लाइन से बहुत मदद मिलेगी। इसमें हर तरह के साइबर फ्रॉड से सुरक्षा का इंतजाम इन-बिल्ट किया गया है, साथ में फास्ट इंटरनेट की सुविधा दी जा रही है।