HomeShare Marketजीएसटीएन पोर्टल पर दिक्कत से लोगों का फंसा इनपुट टैक्स क्रेडिट रिकॉर्ड

जीएसटीएन पोर्टल पर दिक्कत से लोगों का फंसा इनपुट टैक्स क्रेडिट रिकॉर्ड

देश में जीएसटीएन पोर्टल की तरफ से कारोबरियों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। कई कारोबारियों को अप्रैल का इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी आईटीसी के रिकॉर्ड मिलने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस बारे में संज्ञान लेते हुए पोर्टल पर विभाग की तरफ से एडवाइजरी जारी कर पिछले महीने के आधार पर आईटीसी क्लेम करने को कहा गया है।

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हिंदुस्तान को मिली जानकारी के मुताबिक कई कारोबारियों के खाते में अप्रैल महीने का इनपुट टैक्स क्रेडिट का रिकॉर्ड नहीं दिख रहा है। दरअसल जीएसटी नेटवर्क की नई व्यवस्था के हिसाब से कारोबारियों की तरफ से दी गई जानकारी के आधार पर विभाग की तरफ अपने आप जीएसटीआर-2बी में आईटीसी क्लेम का रिकॉर्ड बताया जाता है।

ये है मुश्किल

इस महीने अप्रैल महीने का इनपुट टैक्स क्रेडिट का रिकॉर्ड दिखना था, जो नहीं दिखा। मई महीने में अप्रैल महीने का जीएसटीआर 2बी जनरेट होना था, लेकिन कारोबारियों के जीएसटीआर 2बी में इस महीने का कोई आंकडा दिखाई नहीं दे रहा है। इस वजह से कारोबारी जीएसटीआर 3बी फाइल नहीं कर पा रहे हैं। कारोबारियों की तरफ से इस बात की शिकायत किए जाने के बाद विभाग की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि ऐसा संज्ञान में आया है कि कुछ मामलों में जीएसटीआर 2 बी में अप्रैल महीने के एक निश्चित रिकॉर्ड नहीं दिखाई दे रहे हैं। हालांकि ऐसे रिकॉर्ड जीएसटीआर 2ए में दिख रहे हैं। ऐसे में जीएसटीआर 3बी फाइल करने वाले प्रभावित करदाताओं को फिलहाल जीएसटीआर 2ए का इस्तेमाल करते हुए खुद से असेसमेंट करके रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी जाती है। साथ ही ये भी कहा गया है कि जीएसटीएन विभाग की टेक्निकल टीम इस मुद्दे को सुलझाने में लगी हुई है और जल्द ही कोई न कोई समाधान निकाल लिया जाएगा।

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विशेषज्ञों को शंका

हालांकि विशेषज्ञों को इस एडवाइजरी की कानूनी वैधता पर शंका हो रही है। जीएसटी मामलों के जानकार अभिषेक राजाराम ने हिंददुस्तान को बताया है कि जीएसटी विभाग और उनके अधिकारी सर्कुलर के आधार पर चलते हैं। ऐसे में इस तरह की एडवाइजरी की कोई कानूनी वैधता नहीं होती है। न ही मामलों के आदालत में पहुंचने पर ऐसी एडवाइजरी को लेकर विभाग के अधिकारियों पर कोई कानूनी बंधन नहीं होगा।
उन्होंने सुझाव दिया है कि केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड की तरफ से इस बारे में सर्कुलर जारी कर दिया जाना चाहिए कि कि मई 2022 के लिए जीएसटीआर 3 बी फॉर्म भरने के की तारीख जब तक जीएसटीआर 2 बी क्रेडिट का मामला नहीं सुलझा लिया जाता है तब तक के लिए बढ़ाई जाती है।

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